साइबर ठगी का नया तरीकाः ओटीपी बताएं न बताएं.. खाता हैक और पूरी रकम गायब

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚

 



ठगी का नया तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं साइबर ठग, विशेषज्ञों के पास अब तक कोई तोड़ नहीं

अपने शिकार को करते हैं फोन- आपका खाता हैक कर हमने निकाल ली है पूरी रकम
महीने भर में ही ताबड़तोड़ वारदातें, पुलिस की सलाह- किसी हालत में न बताएं ओटीपी केस- 1

यूपी 112 में तैनात सिपाही मुकेश को सात मार्च को साइबर ठगों ने फोन कर बताया कि उनका खाता हैक कर वे सारी रकम निकालने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर भी खाते से 3.32 लाख रुपये निकलने का मेसेज आ गया। ठगों से दोबारा बातचीत हुई तो उन्होंने मुकेश से कहा कि वे उनकी कुछ रकम वापस कर देंगे, इसके लिए उन्हें वह ओटीपी बताना होगा जो वे उनके मोबाइल पर भेज रहे हैं। मुकेश ने ठगों को ओटीपी बताने के बजाय तत्काल साइबर थाने को सूचना दी। साइबर पुलिस की छानबीन में पता चला कि मुकेश के खाते से रकम निकालकर एफडी बनवा ली गई है। अगर वह ओटीपी बता देते तो रकम हथिया ली जाती। साइबर पुलिस की कोशिश से पूरे 3.32 लाख रुपये दोबारा मुकेश के खाते में पहुंच गए।


केस- 2

12 मार्च को रिटायर्ड एचसीपी ब्रह्मानंद के खाते से भी ठगों ने करीब तीन लाख रुपये निकाल लिए और फिर उन्हें फोन कर उनका खाता हैक करने के बारे में बताया। ब्रह्मानंद ने ठगों से यह कहते हुए रहम की फरियाद की कि वह रिटायर हो चुके हैं और खाते में उनकी पेंशन की रकम है। इस पर ठगों ने उन्हें कुछ रकम लौटाने का झांसा देते हुए ओटीपी पूछा। ब्रह्मानंद ने भी ओटीपी बताने के बजाय साइबर थाने आकर सूचना दी। छानबीन में पता चला उनके खाते से भी रकम निकालकर एफडी बनवा ली गई है। उनकी रकम भी खाते में वापस कराई गई। इसी तरह संभल में भी एक सिपाही के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए।


बरेली। अब तक साइबर ठग किसी न किसी बहाने ओटीपी पूछकर लोगों के खाते साफ कर रहे थे लेकिन अब अब बगैर ओटीपी पूछे ही खातों में सेंध लगा रहे हैं। यही नहीं वे अपने शिकार को पहले ही फोन करके बताते हैं कि उसका खाता हैक किया जा रहा है। कुछ ही सेकेंड में खाते में बैलेंस शून्य होने का मेसेज भी मोबाइल पर आ जाता है। साइबर एक्सपर्ट भी अभी पता नहीं लगा सके हैं कि बगैर ओटीपी बताए साइबर ठग आखिर कैसे खाता हैक करने में काम

अपने शिकार को करते हैं फोन- आपका खाता हैक कर हमने निकाल ली है पूरी रकम
महीने भर में ही ताबड़तोड़ वारदातें, पुलिस की सलाह- किसी हालत में न बताएं ओटीपी केस- 1

यूपी 112 में तैनात सिपाही मुकेश को सात मार्च को साइबर ठगों ने फोन कर बताया कि उनका खाता हैक कर वे सारी रकम निकालने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर भी खाते से 3.32 लाख रुपये निकलने का मेसेज आ गया। ठगों से दोबारा बातचीत हुई तो उन्होंने मुकेश से कहा कि वे उनकी कुछ रकम वापस कर देंगे, इसके लिए उन्हें वह ओटीपी बताना होगा जो वे उनके मोबाइल पर भेज रहे हैं। मुकेश ने ठगों को ओटीपी बताने के बजाय तत्काल साइबर थाने को सूचना दी। साइबर पुलिस की छानबीन में पता चला कि मुकेश के खाते से रकम निकालकर एफडी बनवा ली गई है। अगर वह ओटीपी बता देते तो रकम हथिया ली जाती। साइबर पुलिस की कोशिश से पूरे 3.32 लाख रुपये दोबारा मुकेश के खाते में पहुंच गए।


केस- 2

12 मार्च को रिटायर्ड एचसीपी ब्रह्मानंद के खाते से भी ठगों ने करीब तीन लाख रुपये निकाल लिए और फिर उन्हें फोन कर उनका खाता हैक करने के बारे में बताया। ब्रह्मानंद ने ठगों से यह कहते हुए रहम की फरियाद की कि वह रिटायर हो चुके हैं और खाते में उनकी पेंशन की रकम है। इस पर ठगों ने उन्हें कुछ रकम लौटाने का झांसा देते हुए ओटीपी पूछा। ब्रह्मानंद ने भी ओटीपी बताने के बजाय साइबर थाने आकर सूचना दी। छानबीन में पता चला उनके खाते से भी रकम निकालकर एफडी बनवा ली गई है। उनकी रकम भी खाते में वापस कराई गई। इसी तरह संभल में भी एक सिपाही के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए।


बरेली। अब तक साइबर ठग किसी न किसी बहाने ओटीपी पूछकर लोगों के खाते साफ कर रहे थे लेकिन अब अब बगैर ओटीपी पूछे ही खातों में सेंध लगा रहे हैं। यही नहीं वे अपने शिकार को पहले ही फोन करके बताते हैं कि उसका खाता हैक किया जा रहा है। कुछ ही सेकेंड में खाते में बैलेंस शून्य होने का मेसेज भी मोबाइल पर आ जाता है। साइबर एक्सपर्ट भी अभी पता नहीं लगा सके हैं कि बगैर ओटीपी बताए साइबर ठग आखिर कैसे खाता हैक करने में कामयाब हो रहे हैं

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