गंदगी से उठती दुर्गंध से मुश्किल हो रहा निकलना
शहर की सफाई व्यवस्था कितनी बेहतर है, इसकी हकीकत सब्जी मंडी में खाली प्लॉट दिखा रहा है। कूड़ा कितने दिनों से नहीं उठा इसका अंदाजा प्लॉट में लगे ढेर बता रहे हैं। कूड़े के ढेर से उठती दुुर्गंध ने लोगों का निकलना मुश्किल कर रखा है, जबकि पालिका प्रशासन शहर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने का दावा करता है। इसकी सच्चाई सब्जी मंडी में लगा कूड़े का ढेर बयां कर रहा है।
होली पर भी नहीं उठा रोड पर पड़ा मलबा
होली से पहले नाला निर्माण के दौरान उसका मलबा निकालकर रोड पर डाल दिया गया था, जो त्योहार पर भी नहीं उठा, जबकि यह रास्ता अस्पताल एवं कचहरी जाने का शार्टकट है। गोला, देवकली, रेलवे स्टेशन आदि की ओर से आने वाले लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। मगर मलबा पड़ा होने के कारण लोग गंदगी से होकर निकलने को मजबूर हैं।
नाला उफनाने से फुटपाथ पर भरा पानी
होली पर नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका प्रशासन ने जो भी दावे किए वह सब कागजी साबित हुए। न तो गलियों और खाली प्लॉट से कूड़े के ढेर उठे और न ही नाले नालियों की ही सफाई हुई। इसी का परिणाम है कि होली के दिन रंग छुड़ाने के लिए बहाए गए पानी से नाले नालियां उफना गए। इससे जीआईसी मैदान के नाले का पानी फुटपाथ पर भर गया।
होली के दिन और उसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को इस संबंध में उनसे जवाब तलब होगा।
होली से पहले नाला निर्माण के दौरान उसका मलबा निकालकर रोड पर डाल दिया गया था, जो त्योहार पर भी नहीं उठा, जबकि यह रास्ता अस्पताल एवं कचहरी जाने का शार्टकट है। गोला, देवकली, रेलवे स्टेशन आदि की ओर से आने वाले लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। मगर मलबा पड़ा होने के कारण लोग गंदगी से होकर निकलने को मजबूर हैं।
नाला उफनाने से फुटपाथ पर भरा पानी
होली पर नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका प्रशासन ने जो भी दावे किए वह सब कागजी साबित हुए। न तो गलियों और खाली प्लॉट से कूड़े के ढेर उठे और न ही नाले नालियों की ही सफाई हुई। इसी का परिणाम है कि होली के दिन रंग छुड़ाने के लिए बहाए गए पानी से नाले नालियां उफना गए। इससे जीआईसी मैदान के नाले का पानी फुटपाथ पर भर गया।
होली के दिन और उसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को इस संबंध में उनसे जवाब तलब होगा।
- आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी