लखीमपुर खीरी। जनपद में जिस तरह से लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उससे लोग दहशत में हैं। इसके विपरीत मरीजों के बढ़ने की संख्या के साथ साथ ठीक होने वालों की भी संख्या बढ़ी है। कोरोना को मात देकर सहज जिंदगी में वापस आ चुके लोगों का भी कहना है कि अव्वल तो सावधानी रखें, लेकिन अगर कोरोना संक्रमित हो जाएं तो घबराएं नहीं। सकारात्मक सोच के साथ कोरोना को मात दें। वहीं, डॉक्टरों का भी कहना है कि यूपी में मृत्यु दर दो प्रतिशत से भी कम है, सिर्फ पहले से गंभीर बीमारी वाले लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।
पिछले एक हफ्ते में जिस तरह से कोरोना संक्रमितों के मिलने की संख्या बढ़ी है, उसी तरह ठीक होने वाले लोगों का भी आंकड़ा बढ़ा है। एक हफ्ते पहले जहां एक दिन में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 11 थी, वह अब कई गुना बढ़कर 184 हो गई है। 21 अप्रैल को 184 लोग ठीक हुए। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों का कहना है कि घबराएं नहीं बल्कि सकारात्मक सोच अपनाएं। शासन के बताए नियमों का पालन कर कोरोना को हराया जा सकता है।
सीएमओ का भी कहना है कि सिर्फ गंभीर बीमारी वाले लोगों को ही ज्यादा खतरा है। बाकी ज्यादातर लोग ठीक हो जा रहे हैं। कई तो ऐसे हैं, जो बिना किसी दवा के ही ठीक हो जा रहे हैं।
तारीख - ठीक हुए मरीज
15 अप्रैल- 11
16 अप्रैल- 17
17 अप्रैल - 44
18 अप्रैल- 30
19 अप्रैल- 43
20 अप्रैल- 105
21 अप्रैल- 184
होम क्वारंटीन नियमों का पालन स्वस्थ हुए
एक बार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके फार्मासिस्ट सज्जन गौड़ फिर से मरीजों की सेवा में लगे हैं। घर परिवार के लोग वायरस की चपेट में न आएं इसलिए उनसे घर में ही दूरी बनाए हुए हैं। अस्पताल से जाने के बाद घर के एक कमरे में सीमत रखकर उन सभी नियमों का पालन करते हैं जो होम क्वांरटीन में रहने वाले मरीज करते हैं। सज्जन गौड़ बताते हैं कि सुरक्षा के लिए दिन भर गुनगुना पानी पीते हैं, सुबह घर से निकलने से पहले और शाम को घर पहुंचने के बाद नमक मिले गर्म पानी से गरारा करना नहीं भूलते।
कोविड नियमों का सख्ती से करें पालन
पैथालोजी में जांच के लिए आने वाले मरीजों का सैंपल लेकर उनकी सेवा करने में लगे लैब टेक्नीशियन महंत सिंह बताते हैं कि हमारा काम ही सेवा करना है। हर बीमारी खतरनाक है। मगर, एहतियात बरत कर आसानी से उसे हराया जा सकता है। संक्रमण से बचने से लिए घर से निकलने पर मास्क लगा लें और उसे शाम को घर पहुंचकर ही हटाएं। परिवार वालों की सुरक्षा के लिए होम क्वारंटीन नियमों का पालन कर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है।
पिछले एक हफ्ते में जिस तरह से कोरोना संक्रमितों के मिलने की संख्या बढ़ी है, उसी तरह ठीक होने वाले लोगों का भी आंकड़ा बढ़ा है। एक हफ्ते पहले जहां एक दिन में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 11 थी, वह अब कई गुना बढ़कर 184 हो गई है। 21 अप्रैल को 184 लोग ठीक हुए। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों का कहना है कि घबराएं नहीं बल्कि सकारात्मक सोच अपनाएं। शासन के बताए नियमों का पालन कर कोरोना को हराया जा सकता है।
सीएमओ का भी कहना है कि सिर्फ गंभीर बीमारी वाले लोगों को ही ज्यादा खतरा है। बाकी ज्यादातर लोग ठीक हो जा रहे हैं। कई तो ऐसे हैं, जो बिना किसी दवा के ही ठीक हो जा रहे हैं।
तारीख - ठीक हुए मरीज
15 अप्रैल- 11
16 अप्रैल- 17
17 अप्रैल - 44
18 अप्रैल- 30
19 अप्रैल- 43
20 अप्रैल- 105
21 अप्रैल- 184
होम क्वारंटीन नियमों का पालन स्वस्थ हुए
एक बार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके फार्मासिस्ट सज्जन गौड़ फिर से मरीजों की सेवा में लगे हैं। घर परिवार के लोग वायरस की चपेट में न आएं इसलिए उनसे घर में ही दूरी बनाए हुए हैं। अस्पताल से जाने के बाद घर के एक कमरे में सीमत रखकर उन सभी नियमों का पालन करते हैं जो होम क्वांरटीन में रहने वाले मरीज करते हैं। सज्जन गौड़ बताते हैं कि सुरक्षा के लिए दिन भर गुनगुना पानी पीते हैं, सुबह घर से निकलने से पहले और शाम को घर पहुंचने के बाद नमक मिले गर्म पानी से गरारा करना नहीं भूलते।
कोविड नियमों का सख्ती से करें पालन
पैथालोजी में जांच के लिए आने वाले मरीजों का सैंपल लेकर उनकी सेवा करने में लगे लैब टेक्नीशियन महंत सिंह बताते हैं कि हमारा काम ही सेवा करना है। हर बीमारी खतरनाक है। मगर, एहतियात बरत कर आसानी से उसे हराया जा सकता है। संक्रमण से बचने से लिए घर से निकलने पर मास्क लगा लें और उसे शाम को घर पहुंचकर ही हटाएं। परिवार वालों की सुरक्षा के लिए होम क्वारंटीन नियमों का पालन कर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है।
सरकार के निर्देशों का पालन कर दें कोरोना को मात
कोरोना से जंग जीतने वाले रोडवेज के संविदा चालक नवल किशोर का कहना है कि प्रवासियों को लाने के लिए जब ड्यूटी लगी तो डर महसूस हुआ। प्रवासियों को दिल्ली से लाकर घर तक छोड़ने के दौरान कोरोना हो गया। करीब 14 दिन तक कोविड अस्पताल में भर्ती रहे। डॉक्टरों की देखरेख में स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी करनी शुरू की। कोरोना कोई हौवा नहीं है। सरकार के निर्देशों का ईमानदारी से पालन कर कोरोना को आसानी से हराकर जंग जीती जा सकती है।
-
कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या जिले में बेहतर है। हालांकि इधर कुछ आंकड़ा जरूर बढ़ा है। फिर भी 98 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। सूबे के अन्य जिलों के मुकाबले अपने जिले का डेथ रेट दो प्रतिशत से भी कम है। - डॉ. मनोज अग्रवाल सीएमओ
कोरोना से जंग जीतने वाले रोडवेज के संविदा चालक नवल किशोर का कहना है कि प्रवासियों को लाने के लिए जब ड्यूटी लगी तो डर महसूस हुआ। प्रवासियों को दिल्ली से लाकर घर तक छोड़ने के दौरान कोरोना हो गया। करीब 14 दिन तक कोविड अस्पताल में भर्ती रहे। डॉक्टरों की देखरेख में स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी करनी शुरू की। कोरोना कोई हौवा नहीं है। सरकार के निर्देशों का ईमानदारी से पालन कर कोरोना को आसानी से हराकर जंग जीती जा सकती है।
-
कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या जिले में बेहतर है। हालांकि इधर कुछ आंकड़ा जरूर बढ़ा है। फिर भी 98 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। सूबे के अन्य जिलों के मुकाबले अपने जिले का डेथ रेट दो प्रतिशत से भी कम है। - डॉ. मनोज अग्रवाल सीएमओ