योग्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का लाभ लेने के लिए 5 मई 2021 तक आवेदन करना होगा. आवेदन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचरियों को नेशनल पेंशन सिस्टम के प्रावधानों के तहत फायदा मिलता रहेगा.
वहीं, 1 जनवरी 2004 से 28 अक्टूबर 2009 के बीच नियुक्त हुए और सीसीएस (पेंशन) रूल्स के तहत पेंशन लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को पहले की ही तरह फायदा मिलता रहेगा.
क्या है मामला-
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पुरानी पेंशन स्कीम NPS से ज्यादा फायदेमंद है. पुरानी स्कीम में ज्यादा फायदे मिलते हैं. पुरानी स्कीम में पेंशनर के साथ उसका परिवार भी सुरक्षित रहता है. छूटे कर्मचारियों को अगर OPS का बेनिफिट मिलता है तो इससे उनका रिटायमेंट सुरक्षित हो जाएगा.
किसे मिलेगा इसका फायदा
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, 1 जनवरी 2004 से 28 अक्टूबर 2009 के बीच पुरानी पेंशन प्रणाली के तहत पिछली सेवाओं की काउंटिंग का लाभ नहीं मिलने के चलते राज्य सरकार कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद और 28 अक्टूबर, 2009 तक नियुक्ति से पहले वॉलंटियरी रिटायरमेंट लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.
ऐसे मामलों में कर्मचारियों के वॉलंटियरी रिटायरमेंट लेने को टेक्निकल रिटायरमेंट माना जाएगा. ऐसे सरकारी कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ दिया जाएगा. हालांकि, उन्हें पिछली सेवाओं की काउंटिंग का लाभ लेने के लिए जरूरी बाकी सभी शर्तें पूरी करनी होंगी.
ओपीएस का विकल्प चुनने की सुविधा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो रेलवे पेंशन रूल्स या सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के साथ-साथ पुरानी पेंशन स्कीम के तहत आने वाले दूसरे केंद्रीय संस्थानों या सीसीएस (पेंशन) रूल्स जैसी पुरानी पेंशन स्कीम के तहत आने वाले राज्य सरकार के विभागों या स्वायत्त संस्थाओं में में 1 जनवरी 2004 से पहले नियुक्त किए गए थे.
इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के पेंशनभोगी विभाग या कार्यालय या केंद्रीय स्वायत्त संस्था में नियुक्ति के लिए पिछली नौकरी से इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले सभी केन्द्रीय कर्मचारियों को डीओपीपीडब्ल्यू के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 26.08.2016 के अनुसार सीसीएस (पेंशन) नियमावली के अंतर्गत लागू नियमों के तहत सेवा निवृत्ति ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी के लाभ भी दे दिए गए थे.