लखीमपुर खीरी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रणक्षेत्र तैयार हो चुका है तो वहीं पिछले पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान खाकी पर हमले के मामले में छह साल बाद बृहस्पतिवार को अदालती फैसला आया है। अपर जिला जज राजेश कुमार की अदालत ने पूर्व विधायक सुनील लाला सहित खाकी पर हमले के सभी 17 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया है।
पिछले पंचायत चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी की सरकार थी, इसी पंचायत चुनाव के लिए प्राथमिक विद्यालय मितौली को मतदान स्थल बनाया गया था, जिसमें बिजुआ चौकी के इंचार्ज धर्मेश शुक्ल की ड्यूटी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए लगी थी, आरोप है कि मतदान के दौरान पूरे दिन सत्तादल के नेताओं की अनसुनी करने और मनमानी करने से रोकने के कारण कुछ सफेदपोश दरोगा धर्मेश शुक्ल से नाराज हो गए।
मतदान समयावधि का ऐलान होते होते नेताजी और समर्थकों की भीड ने दरोगा से हाथापाई तक कर डाली, तब पुलिस पर हमला करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मी को चोटिल करने का मुकदमा धर्मेश शुक्ल ने दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने तत्कालीन विधायक सुनील लाला सहित 17 हमलावरों के खिलाफ पुलिस पर हमला करने और सरकारी कार्यबाधा के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी। मगर अदालती कार्यवाही के दौरान सुनवाई शुरू हुई तो होमगार्डस के जवान एक-एक कर मुकरते चले गए।
खुद चोटिल दरोगा धर्मेश शुक्ल ने अदालती बयान में यह बयान दिया कि वह नामजद आरोपियों को पहले से नही जानते थे, बस इसी बात पर अदालत में अभियोजन पक्ष को झटका लग गया। अदालत ने अपने फैसले में मुकरने वाले गवाहों, और धर्मेश शुक्ल के बयान में हुए विरोधाभास का जिक्र करते हुए चार्जशीट में सभी 17 आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है।