डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लैब से कुल 941 रिपोर्ट प्राप्त हुईं, जिसमें 93 पॉजिटिव और 848 निगेटिव हैं। वहीं 18 अन्य लैब, पांच टुनॉट व 130 एंटीजेन से पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त रिपोर्ट प्राप्त हुईं हैं। इसके अलावा 61 वर्षीय संक्रमित महिला की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। इससे पहले बुधवार को 150 संक्रमित मिले थे, जबकि मंगलवार को 105 कोरोना संक्रमित मिले थे। कोरोना संक्रमितों की फेहरिस्त में बड़े नाम भी शामिल हो रहे हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी और पुत्र कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि आबकारी विभाग के पांच इंस्पेक्टर भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। प्रशासन ने कोरोना से बचाव के लिए जगह-जगह लाउडस्पीकर के माध्यम से गाइड लाइन का अनुपालन करने के लिए एनाउंसमेंट कराना शुरू कर दिया है।
एसपी बंगले तक भी पहुंचा कोरोना, दो संक्रमित
लखीमपुर खीरी। एसपी खीरी के आवास पर गोपनीय कार्यालय मे तैनात दो पुलिसकर्मी संक्रमित पाए गए हैं। एसपी विजय ढुल ने बताया कि गोपनीय कार्यालय में तैनात दो पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित मिले थे, जिसके बाद सभी लोगों की जांच कराई गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। संवाद
-
डीएम बोले-200 बेड का अतिरिक्त अस्पताल तैयार
लखीमपुर खीरी। बुधवार को जहां 150 मरीज मिले थे, वहीं शुक्रवार को कोरोना के नए मरीजों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 246 हो गया है। यह पहली बार है, कि जनपद में 246 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि ऐसा पिछली बार भी नहीं था, यह पहली बार है कि एक दिन में कोरोना में 250 के करीब मरीज मिले हैं। कोरोना के बढ़ते केसों पर काबू पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनकी प्राथमिकता है कि जो लोग पॉजिटिव आए हैं, उनको ट्रैस कर उचित इलाज मुहैया कराया जाए। बाद में पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच हो और लोग मास्क और दो गज की दूरी का पालन करते हुए हाइजीन मेंटेन कर संतुलित आहार लें। वहीं, बढ़ते मरीजों की संख्या के लिहाज से कोविड अस्पताल के बढ़ाने के जवाब पर उन्होंने कहा कि जनपद में जगसड़ में 200 बेड का एक अस्पताल है। जहां पर अभी 20-25 मरीज ही हैं। इसके अलावा ओयल में 200 बेड के एक और अस्पताल की व्यवस्था है, जिसमें सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेप कर उसे चालू अवस्था में लाया जा सकता है।
जांच के लिए दो लैब मिलीं
जांच रिपोर्ट में पांच से सात दिन का समय लगने के सवाल पर डीएम ने बताया कि जनपद के लिए दो और लैब मिल गईं हैं। पहली सीडीआरआई और दूसरी एनबीआरआई। दोनों ही लखनऊ में हैं, जिससे उम्मीद है जांच रिपोर्ट शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ आरटीपीसीआर जांच में ही समय लगता है। तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट आ जाती है। सैंपल बढ़ने पर देरी होती है।
मरीजों को वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर होती है निगरानी
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जैसे ही पता चलता है कि मरीज पॉजिटिव आ गया है, उसका एड्रेस लिया जाता है। बाद में उसकी ट्रैकिंग होती है। आधार कार्ड के आधार पर उनकी पहचान कर मेडिकल टीम उन्हें दवाएं उपलब्ध कराती है। उन्होंने बताया कि कोविड कंट्रोल रूम में एक टीम है, जो मरीजों को फोन करती है और उनकी वॉट्सएप ग्रुप पर मॉनिटरिंग होती है। बताया कि सभी मरीजों को एक वॉट्सएप ग्रुप से जोड़कर उनकी निगरानी की जाती है।
कोरोना से निपटने के लिए महकमा पूरी तरह से अलर्ट पर है। 250 बेड रिजर्व है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर 500 तक बढ़ाया जा सकेगा। जांच के लिए तीन मोबाइल एंबुलेंस और बढ़ा दी गईं हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। एंबुलेंस स्टाफ को अलर्ट पर रहने को कहा गया, जिससे आपात स्थित में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। -डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ