जब से कोविड अस्पताल खुला है तब से आए दिन यह सुर्खियों में रहता है। कभी खाने को लेकर तो कभी उसकी गुणवत्ता को लेकर। कभी डॉक्टर के न देखने पर मरीज हंगामा करते हैं तो कभी ऑक्सीजन को लेकर तीमारदार। मंगलवार को कोविड अस्पताल की कैंटीन का करीगर और उसके साथी कुछ ही मरीजों एवं उनके तीमारदारों को खाना देकर लापता हो गए। रात करीब नौ बजे तक जब शेष मरीजों और उनके तीमारदारों को खाना नहीं मिला तो वह हंगामा करने लगे।
तीमारदारों के हंगामा करने की जानकारी मिलने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने रात में एक होटल से खाना भिजवाया, जिसके बाद मरीजों ने दवाई खाई।
डॉ. सुभाष बने कोविड अस्पताल प्रभारी
प्रभारी सीएमओ डॉ. अश्वनि कुमार ने बताया कि कोविड अस्पताल के इंचार्ज डॉ. अमितेश दत्त को हटाकर डॉ. सुभाष वर्मा को प्रभारी बनाया गया है।
गुणवत्ताविहीन खाना खाकर संक्रमितों का इलाज कर रहा स्टाफ
कोरोना से जंग जीतने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। मगर, कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमितों का इलाज करने के लिए तैनात स्वास्थ्यकर्मी गुणवत्ता विहीन खाना खाकर इलाज करने के लिए विवश हैं। न तो सही रोटी मिलती है और न ही दाल व सब्जी। अधपकी रोटियों के साथ भी उड़द की दाल तो कभी मसूर की दाल दी जा रही है। इस तरह का खाना स्टाफ के साथ मरीजों एवं तीमारदारों लिए मुसीबत बना है।
मंगलवार रात खाना बनाने वाले कारीगर के घर में कोई बीमार हो गया। इस पर वह खाना बनाकर चला गया। इस पर ध्यान नहीं दिया कि बना खाना सब के लिए पर्याप्त है कि नहीं। जानकारी मिलने पर कारीगर को रात में ही बुलाकर खाने की व्यवस्था कराई गई। रही बात हटाने की तो पिछले एक साल से कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहा था। इसलिए डीएम साहब से स्वयं को हटाने के लिए अनुरोध किया था।
-डॉ. अमितेश दत्त द्विवेदी, प्रभारी कोविड अस्पताल