जौनपुर. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए जौनपुर (Jaunpur) के पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) के आवास पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की. धनंजय की पत्नी कला सिंह द्वारा जौनपुर कोर्ट में नामांकन करने के बाद ही लखनऊ और जौनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने धनंजय सिंह के नगर आवास काली कुत्ती, बनसफा समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया. धनंजय के करीबी आशुतोष सिंह के घर पर भी पुलिस टीम दबिश देने पहुंची. वहीं चर्चा रहा की पत्नी के नामांकन के करने के बाद पुलिस कुछ ही देर बाद घर पर पहुंचकर छापेमारी शुरू कर दिया. हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी.
एसपी सिटी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ धनंजय के ठिकानों पर छापेमारी किया गया.
बता दें कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य के लिए सिकरारा ब्लाक के वार्ड नंबर- 45 से निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है. इधर वे पर्चा दाखिल करके कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकली थी उधर भारी पुलिस बल नगर कालीकुत्ती मोहल्ले में स्थित उनके आवास पर धमक पड़ी. पुलिस ने धनंजय सिंह के आवास पर मौजूद लोगों से पुछताछ करके वापस लौट गयी. हालांकि जौनपुर पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने के लिए जल्दी बाज़ी समझ रही है. लखनऊ का केस होने के नाते स्थानीय पुलिस कैमरे से दूर ही रहना उचित समझ रही है.
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गौरतलब है कि लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में धनंजय सिंह आरोपी है और पुलिस पूछताछ के लिए उसकी लगातार तलाश कर रही थी. इस बीच पुलिस को चकमा देकर एक पुराने मामले में वह प्रयागराज कोर्ट में पेश हुआ था जहां से उसे यूपी की फ़तेहगढ़ जेल भेज दिया गया था. धनंजय सिंह पर पुलिस ने 25000 का इनाम तक घोषित किया था. 11 मार्च को धनंजय सिंह का फतेहगढ़ जेल ट्रांसफर हो गया. 25 दिन जेल में रहने के बाद धनंजय सिंह को प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई थी. (रिपोर्ट- lmp News )
बता दें कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य के लिए सिकरारा ब्लाक के वार्ड नंबर- 45 से निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है. इधर वे पर्चा दाखिल करके कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकली थी उधर भारी पुलिस बल नगर कालीकुत्ती मोहल्ले में स्थित उनके आवास पर धमक पड़ी. पुलिस ने धनंजय सिंह के आवास पर मौजूद लोगों से पुछताछ करके वापस लौट गयी. हालांकि जौनपुर पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने के लिए जल्दी बाज़ी समझ रही है. लखनऊ का केस होने के नाते स्थानीय पुलिस कैमरे से दूर ही रहना उचित समझ रही है.
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गौरतलब है कि लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में धनंजय सिंह आरोपी है और पुलिस पूछताछ के लिए उसकी लगातार तलाश कर रही थी. इस बीच पुलिस को चकमा देकर एक पुराने मामले में वह प्रयागराज कोर्ट में पेश हुआ था जहां से उसे यूपी की फ़तेहगढ़ जेल भेज दिया गया था. धनंजय सिंह पर पुलिस ने 25000 का इनाम तक घोषित किया था. 11 मार्च को धनंजय सिंह का फतेहगढ़ जेल ट्रांसफर हो गया. 25 दिन जेल में रहने के बाद धनंजय सिंह को प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई थी. (रिपोर्ट- lmp News )