बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। द्वारिकागंज निवासी मनोज सक्सेना की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद बिखरे परिवार को अमर उजाला अपनत्व अभियान से उम्मीद जगी है। मृतक मनोज की पत्नी नीरज ने अपनत्व अभियान की जानकारी पाकर अखबार में प्रकाशित नंबर पर सूचना देकर मदद की गुहार लगाई है। उनकी सूचना को जब जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया तो डीएम ने उनकी सहायता का आश्वासन दिया।
कोरोना महामारी से न जाने कितनी महिलाओं की मांग का सिंदूर और कितनी ही माओं की गोद सूनी र्हुइं। किसी ने पिता खोया तो किसी ने बेटा। सबसे ज्यादा मार्मिक कहानी उन बच्चों की है, जिनके सिर से माता-पिता का साया छिन गया। ऐसे ही बेसहारा बच्चों के लिए अमर उजाला ने अपनत्व अभियान शुरू किया है, जो सरकार और पीड़ितों के बीच एक सेतु का काम कर रहा है। बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत पुनर्भू ग्रंट के द्वारिकागंज निवासी नीरज सक्सेना ने फोन पर जानकारी दी कि उनके पति मनोज सक्सेना गोला के एक ईंट-भट्ठे पर सुपरवाइजर थे। मई के पहले सप्ताह में उन्हें बुखार आया। जब उन्हें बुखार नहीं उतरा तो उनकी कोरोना जांच कराई गई। जांच में वह पॉजटिव मिले। सात मई को उन्हें कोविड सेंटर जगसड़ ले जाया गया। जगसड़ में जब तक भर्ती की औपचारिकता पूरी होती, इस बीच उनकी सांसें थम गईं। मनोज की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मनोज के परिवार में उनकी पत्नी नीरज के अलावा दो बच्चे 14 वर्षीया पुत्री सृष्टि और 05 वर्षीय पुत्र मयंक सक्सेना हैं। मनोज अपने परिवार में अकेले कमाऊ व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। यहां तक कि इस परिवार का राशन कार्ड तक नहीं बना है। न ही कोई अन्य कमाई का जरिया है। नीरज ने मदद की गुहार लगाई है, ताकि उनके बच्चों का पेट पल सके और उनकी पढ़ाई जारी रह सके। जब यह मामला डीएम के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने मदद का भरोसा दिया।
मामले की जांच कराई गई तो सूचना सही पाई गई है। मृतक मनोज सक्सेना के परिवार की आर्थिक स्थिति और अन्य की जांच कराकर उनके परिवार की स्थिति शासानादेश के अनुरूप होने पर शासन से अनुमन्य सहायता दी जाएगी। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
Lakhimpur Kheri : पति की मौत से टूट चुकीं नीरज को अब अपनत्व अभियान से उम्मीद
May 29, 2021