रोजाना 600 संक्रमित मिलने वालों की संख्या 150 पर पहुंची
पलिया, कुंभी, मोहम्मदी, ईसानगर आदि क्षेत्रों में भी तेजी से घट रहे संक्रमितजनपद में अब तक 22620 संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें स्वस्थ्य हो चुके हैं 20156 मरीज
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते ग्राफ पर लॉकडाउन का असर दिखने लगा है, जिससे लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हुई है। कभी औसतन 600 संक्रमित प्रतिदिन मिल रहे थे, लेकिन अब संक्रमितों की संख्या घटकर औसतन करीब 150 तक पहुंच गई हैं।
पलिया, कुंभी, मोहम्मदी, ईसानगर आदि क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या पर विराम लगने के साथ ही नए केसों में कमी आई है। वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
जनपद में अब तक 22620 संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें 20156 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं वर्तमान में 2266 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें ज्यादातर होम आइसोलेशन में हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सक्रिय केसों की संख्या बढ़ने के साथ जिला अस्पताल पर क्षमता से अधिक ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ था। 13 अप्रैल से जनपद में कोरोना संक्रमितों की ग्राफ सबसे तेजी से बढ़ा, जिससे औसतन प्रतिदिन 600 संक्रमित मिल रहे थे।
मई में प्रथम सप्ताह तक कोरोना संक्रमितों की ग्राफ तेजी पकड़े रहा, लेकिन इस बीच सरकार द्वारा सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाए जाने से भी कोई खास असर नहीं पड़ा। इसके बाद एक मई से कोरोना कर्फ्यू घोषित होने के बाद जब बाजार बंद हुए और लोगों की आवाजाही थमी, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आनी शुरू हुई। संक्रमण तीव्र होने पर जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 55 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट एवं स्वांस के मरीज इलाज के लिए आते थे, जो अब घटकर महज 10 से 12 रह गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी अग्रवाल बताते हैं कि उस दौरान स्थिति यह थी कि जिला चिकित्सालय के सभी वार्ड इन रोगियों से खचाखच भरे थे। वर्तमान में संक्रमण में जबरदस्त कमी आई है, जिसका असर यह है कि जिला चिकित्सालय में फीमेल वार्ड में 10-12 एवं मेल वार्ड में 20-21 मरीज इलाज भर्ती हैं। आई वार्ड, आयुष्मान वार्ड सहित सभी वार्ड पूरी तरह से खाली हैं। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता होने के साथ ही स्टाक भी पर्याप्त मात्रा में है।
नए और सक्रिय केसों में भी आई जबरदस्त गिरावट
कोविड की दूसरी लहर में गत 27 अप्रैल को जिले में सबसे ज्यादा 689 केस पॉजिटिव मिले थे और उसी दिन सर्वाधिक 6397 सक्रिय केस थे। इसके बाद कोरोना कर्फ्यू लगाया गया, जिसे सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा। इसका नतीजा यह रहा कि नौ मई से जनपद में नए केसों के मिलने की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की कमी आई। इसके बाद निरंतर संख्या कम होती रही, जिससे 15 मई 2021 को 133 पॉजिटिव केस मिले। जबकि इससे पहले 14 मई को 229 पॉजिटिव मिले थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या में ऐसे आई कमी
चार मई को लखीमपुर ब्लॉक में 186, निघासन में 45, बांकेगंज और पसगवां में 28-28, कुंभी में 60, पलिया में 76 और मोहम्मदी में 52 पॉजिटिव मिले थे। पांच मई को लखीमपुर में 122, पसगवां में 27, कुंभी में 29 संक्रमित मिले थे। छह मई को लखीमपुर में 142, निघासन में 22, कुंभी में 130, मोहम्मदी में 29 केस मिले थे। इसके बाद कोरोना कर्फ्यू लागू होने के बाद धीरे-धीरे कमी आती गई, जिससे 15 मई को लखीमपुर में संक्रमितों के नए केस मिलने की संख्या घटकर 29 रह गई। इसी तरह ईसानगर में 11, बांकेगंज में चार, कुंभी में 13, पलिया में 24, मोहम्मदी में 14, नकहा में नौ केस मिले।
ऑक्सीजन की उपलब्धता जिले के लिए बनी संजीवनी
डीएम बताते हैं कि राज्य सरकार ने जिले की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में लिक्विड ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। दो चरणों में कुल 18.5 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा चुकी है। इससे जिले में ऑक्सीजन की न केवल पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई, बल्कि अगले 20 दिनों के लिए भी ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। शासन से ऑक्सीजन उपलब्धता के संबंध में लिक्विड ऑक्सीजन की उपलब्धता बनी रहे इस पर निरंतर प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की उपलब्धता जनपद वासियों के लिए संजीवनी का काम कर रही।
