Lakhimpur Kheri : कोरोना काल में बेटा खोया, मिथलेश कहते हैं इस बार कौन करेगा ‘विश’

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। दो महीने पहले ऑक्सीजन की कमी से बेटे को खो चुके शहर निवासी मिथलेश सिंह उसको याद कर सिहर उठते हैं। इस बार का फादर्स डे उनके लिए काफी सूना सूना है, सोच कर सिहर उठते हैं कि इस बार उन्हें कौन विश करेगा, पर उन्हें संतोष है कि भले ही वह ऑक्सीजन की कमी से अपने बेटे को न बचा पाए हों, लेकिन कोरोना काल में अपने भाई जय सिंह के साथ मिलकर करीब 500 सिलिंडर बंटवा कर वह किसी का बेटा तो किसी के पिता और किसी के सुहाग की जिंदगी बचा चुके है।
मिथलेश सिंह उस दौर को याद कर भावुक हो जाते हैं, और बताते हैं कि 23 अप्रैल को उनके पुत्र मनोज सिंह (38) की तबीयत खराब हुई थी, जब उसका ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा तो उसे जिला अस्पताल लेकर गए लेकिन, ऑक्सीजन नहीं मिली। लखीमपुर के जितने अस्पताल थे, हर जगह प्रयास किया लेकिन हर कहीं यही जवाब मिला कि ऑक्सीजन नहीं है। बताया कि उनका बेटा एक निजी अस्पताल में भर्ती था, अस्पताल ने खुद से ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा तो उन्होंने उत्तराखंड के रुद्रपुर में लगे ऑक्सीजन प्लांट के मालिक और अपने मित्र जगदीप सिंह भाटी से मदद मांगी। उन्होंने 50 सिलिंडर की गाड़ी भिजवा दी। जब तक ऑक्सीजन लखीमपुर पहुंचती, उससे पहले ही 25 अप्रैल को सुबह 8 बजे पुत्र मनोज सिंह की समय पर ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मौत हो गई।

जिसके बाद उन्होंने रुद्रपुर से आए ऑक्सीजन सिलिंडर लोगों में मुफ्त बांट दिए। वह बताते हैं कि उन्होंने करीब 500 ऑक्सीजन सिलिंडर मुफ्त बांटे थे। उन्होंने बताया कि फादर्स डे पर अपने बेटे के लिए उदास हैैं, पर उन्हें कई अन्य लोगों की मदद का संतोष भी है। संवाद

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