दमखोदा में सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज करने पर भड़के सपाई

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चार घंटे तक धरना देकर की नारेबाजी

सीओ बहेड़ी पर लगाए सांठगांठ के आरोप, भारी पुलिस बल के साथ पीएसी रही तैनात

रिछा। विकास खंड दमखोदा से ब्लॉक प्रमुख पद के सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री अताउर्रहमान के भाई वफाउर्रहमान का नामांकन पत्र जांच के बाद खारिज करने पर सपा नेताओं में आक्रोश फैल गया। बड़ी तादाद में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दमखोदा ब्लॉक में धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन व भाजपा विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा नेताओं ने बहेड़ी सीओ पर सत्ता पक्ष का साथ देकर नामांकन खारिज कराने का आरोप लगाया। धरने पर बैठे सपा नेताओं से एसडीएम की कई दौर की वार्ता विफल रही, जबकि नामांकन खारिज करने के बाद निर्वाचन अधिकारी अपनी टीम के साथ खिसक लिए।

दमखोदा ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए नामांकन के दौरान भारी पुलिस फोर्स लगा दिया गया था। सुबह 11 बजे ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सपा प्रत्याशी वफाउर्रहमान ने दो सेट और उनकी पत्नी परवीन सिद्दीकी ने एक सेट में नामांकन बहेड़ी के पूर्व तहसीलदार रहे आरओ आनंद सिंह को सौंपा था, इसके बाद भाजपा विधायक छत्रपाल गंगवार की भतीजे की पत्नी स्नेहलता गंगवार ने अपने पति दुष्यंत गंगवार के साथ दो सेट में नामांकन जमा करा। तीन बजे के बाद नामांकन पत्रों की जांच की गई। इस दौरान सपा प्रत्याशी वफाउर्रहमान और उनकी पत्नी का नामांकन खारिज कर दिया गया। आरोप है कि सपा प्रत्याशी और उनके प्रस्तावक को ब्लॉक के अंदर नहीं जाने दिया गया। सपा नेताओं ने कहा कि सीओ बहेड़ी अजय कुमार गौतम ने सत्ता के दबाव में नामांकन खारिज कराया है।
नामांकन खारिज होने की सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, पूर्व मंत्री अताउर्रहमान, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, हाजी गुड्डू, रविंद्र यादव, आदेश यादव, मनोहर पटेल, आदेश गंगवार, आरिफ एडवोकेट, नासिर रजा खां, लाईक चांदनी, मोहसिनुद्दीन समेत तमाम नेता और कार्यकर्ता ब्लॉक मुख्यालय को जाने वाले रोड पर धरने पर बैठ गए।
साढ़े चार बजे से धरने पर बैठे सपाई रात साढ़े आठ बजे तक धरने पर बैठे थे। इस दौरान पुलिस-प्रशासन, विधायक छत्रपाल गंगवार और सीओ बहेड़ी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बवाल की आशंका में आसपास के थाना के साथ ही दो गाड़ी पीएसी के साथ सीओ प्रथम यतेंद्र सिंह नागर भी जमे रहे। एसडीएम बहेड़ी राजेश चंद्र की सपा नेताओं के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सपा नेता आरओ को प्रत्याशियों के नामांकन पत्र के साथ बुलाने की मांग कर रहे थे। एसडीएम ने फोन पर डीएम से बात की।
करीब चार घंटे बाद साढे़ आठ बजे एसडीएम के जरिये डीएम से हुई। डीएम ने शुक्रवार को सपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को बुलाने की बात कहने पर धरना खत्म हुआ। अब शुक्रवार को सपा नेता डीएम से वार्ता करेंगे।

पर्चा खारिज करने का कारण बताए बिना खिसके आरओ

नामांकन पत्रों की जांच के बाद आरओ सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज करने के बाद तुरंत बाद ही वहां से कार में बैठकर निकल गए। अनुमोदक ने पर्चा खारिज होने की जानकारी जब सपा नेताओं को दी और वे मौके पर पहुंचे तो आरओ का न पाकर भड़क गए। दरअसल आरओ ने किसी को यह तक नहीं बताया कि पर्चा किस वजह से खारिज किया जा रहा है।

सत्ता के दबाव में हमारी पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन खारिज करा गया है, इसमें सीओ बहेड़ी की भूमिका संदिग्ध रही, यह कताई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। हम आंदोलन करेंगे। अगम मौर्य, सपा जिलाध्यक्ष



सत्ता के दबाव में सीओ बहेड़ी ने नामांकन खारिज कराया है। यह सब यहां के विधायक के इशारे पर हुआ। विधायक का प्रत्याशी चुनाव हार रहा है इसलिए यह खेल कराया गया है। - अताउर्रहमान, पूर्व मंत्री

एक विधायक के दबाव में इस तरह का काम अगर प्रशासन करेगा तो यह हम कताई बर्दास्त नहीं करेंगे। हम सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। सपा बहुत बड़ी पार्टी है। - भगवत सरन गंगवार, पूर्व मंत्री

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