Lakhimpur Kheri : ‘स्त्री और पुरुष को समान अवसर देने की जरूरत’

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्यकन्या डिग्री कॉलेज में दो दिवसीय स्त्री सशक्तीकरण को लेकर राष्ट्रीय सेमीनार का बुधवार को संपन्न हुई।
दूसरे दिन की संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि महिला कल्याण अधिकारी आर्यमित्रा बिस्ट ने कहा कि नारी क्षमता संपन्न है, लेकिन सशक्त बनने की आवश्यकता है। डॉ. अन्नपूर्णा गुप्ता ने नारी को मानसिक दृष्टि से सबसे अधिक मजबूत बताया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद उपाध्यक्ष रायबरेली की निधि द्विवेदी ने स्त्री को स्वयं को जानने की प्रेरणा दी। कोयंबटूर के ईशा फाउंडेशन सदस्य प्रणव सुलक्ष्य त्रिवेदी ने शिव एवं शक्ति के प्रसंग का सुनाया। केंद्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार के प्रवक्ता डॉ. विपिन कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक परिदृश्य में स्त्री एवं पुरुष के मध्य सामाजिक, नैतिक एवं चारित्रिक भेदभाव की व्याख्या करते हुए संशोधन की बात रखी।
वाईडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने भी विचार रखे। प्राचार्य डॉ. सुरचना त्रिवेदी ने कहा कि स्त्रियों के हित में बहुत कार्य हो चुके हैं, लेकिन बहुत से काम होने अभी बाकी हैं। उन्होंने अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। युवा कवयित्री शिवा अवस्थी ने स्त्री जीवन पर काव्यपाठ किया। दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा पांडे, डॉ. सुभाष चंद्रा, संस्कृत प्रांत मंत्री डॉ. ओमकार नारायण दुबे, डॉ. पायल राय, डॉ. मीनाक्षी शुक्ला, अनुराधा दुबे, डॉ. बीना रानी गुप्ता, डॉ. गीता शुक्ला, डॉ. शशि प्रभा बाजपेई, डॉ. सुशीला सिंह, अर्चना सिंह, डॉ. प्रीति सिंह, पूजा शुक्ला, सुनीता दीक्षित, अंशु उपस्थित रहीं। इसमें करीब 100 शोधार्थियों ने हिस्सा लेकर शोधपत्र का वाचन किया। संचालन डॉ. क्षमा तिवारी ने किया।

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