नई दिल्ली, पीटीआइ। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अप्रैल के मध्य में चरम पर पहुंच जाएगी। वैज्ञानिकों ने यह अनुमान एक गणितीय मॉडल का इस्तेमाल कर लगाया है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि मई अंत तक संक्रमण के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है। सनद रहे कि देश में कोरोना की पहली लहर के दौरान इसी मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया गया था कि कोरोना संक्रमण के मामले अगस्त में बढ़ेंगे और सितंबर तक चरम पर होंगे। बाद में फरवरी 2021 में कम हो जाएंगे।
इस मॉडल का किया इस्तेमाल
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने 'सूत्र' नाम के इस गणितीय मॉडल का इस्तेमाल करके संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के ट्रेंड का अनुमान लगाया।
मामलों में गिरावट भी तेज होगी
मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि मामलों में गिरावट भी इतनी ही तेजी से दर्ज की जाएगी। हमारा अनुमान है कि मई के अंत तक मामले बेहद कम हो जाएंगे। हमारा अनुमान है कि मई के अंत तक मामले बेहद कम हो जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोविड संक्रमण के मामलों में वृद्धि इतनी तेज है कि रोजाना नए मामलों की चरम संख्या का अनुमान लगाना कठिन है। मौजूदा वक्त में हर दिन एक लाख के करीब मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि यह बढ़ या घट सकता है।
पहला राज्य होगा पंजाब
अनुमान है कि कोरोना की इस लहर में पहला राज्य पंजाब होगा जहां कुछ दिनों में मामले चरम पर पहुंचेंगे। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर है... मालूम हो कि हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी (Ashoka University in Haryana) के गौतम मेनन समेत अन्य वैज्ञानिकों ने भी अपनी गणना में संक्रमणों के चरम पर पहुंचने का अनुमान मध्य अप्रैल और मध्य मई के बीच जताया है। इससे जाहिर है कि कोरोना संक्रमण का बड़ा खतरा अभी सामने आने वाला है।