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कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए एक बार फिर इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल के प्रति जागरूकता की बात की जाने लगी है। आईसीएआर की ओर से बचाव के लिए दिए गए सुझावों में लेदर के पर्स, बेल्ट, बैग, जूते आदि के प्रयोग और असुरक्षित दुकान से खरीदे मांस का सेवन करने को मना किया गया है। चिकित्सकों ने बचाव के प्रति लोगों की लापरवाही से संक्रमण की रफ्तार और बढ़ने की आशंका जताई है।
कोरोना संक्र मण की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयासों में सबसे अहम बचाव के प्रति सजग रहना है। हाल ही में एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस कई चीजों पर लंबे समय तक जिंदा रहता है। चमड़े की बनी वस्तुओं पर वायरस की सक्रियता करीब पांच से नौ दिनों तक रहने, प्लास्टिक, लोहे, लकड़ी और कांच आदि की वस्तुओं पर अलग-अलग समय तक सक्रियता की बात कही गई है।
इसे आईसीएमआर ने इंफेक्शन प्रिवेंशन प्राटोकॉल में शामिल किया है। माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. राहुल ने बताया कि लंबे समय तक किसी वस्तु पर वायरस की सक्रियता संक्रमित होने की आशंका को बढ़ाती है। लेदर जैविक होता है। इस पर वायरस की लंबे समय तक सक्रियता बने रहने से गाहे-बगाहे संपर्क में आने वालों को यह संक्रमित कर सकता है।
बताया कि कोरोना वायरस प्लास्टिक पर दो से तीन दिनों तक जीवित रह सकता है। ऐसे में चमड़े के ही नहीं बल्कि प्लास्टिक के जूते, चप्पल पहनने से भी खतरे की आशंका से इनकार नहीं कर सकते। साथ ही, यह वायरस रबर, चमड़े और पीवीसी आधारित वस्तुओं पर पांच दिन या उससे अधिक समय तक जीवित रह सकता है, इसलिए जूते-चप्पलों को अच्छे से धो कर ही पहनें। हाथ जरूर सैनिटाइज करें या धोएं।
विश्वसनीय दुकान से खरीदकर तेज आंच पर पकाएं मांस
डॉ. राहुल ने बताया कि कोरोना तेजी से फैल रहा है और ज्यादातर संक्रमित लक्षण रहित हैं। ऐसे में कौन संक्रमित है, इसका पता लगाना बेहद कठिन है। आमतौर पर बाजार में कोई सामान खरीदते हैं तो प्रत्येक वस्तु पर वायरस की सक्रियता अलग-अलग समय तक रहती है। मांस पर इसकी सक्रियता चमड़े की वस्तुओं से भी ज्यादा दिनों तक रहती है। पकाने पर वायरस नष्ट हो जाता है। उबले या भुने मांस पर वायरस के सक्रिय रहने की आशंका रहती है। लिहाजा, आईसीएमआर ने मांस को इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल का पालन करने वाली दुकान से ही खरीदने और तेज आंच पर पकाने को कहा है।
संक्रमण से बचाव के लिए सजगता बेहद जरूरी
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक डबल म्यूटेटेड वायरस के भी कई राज्यों में मामले सामने आ रहे हैं। बरेली फिलहाल इससे अछूता है। बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का लोग पालन करें और आईसीएमआर की ओर से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन को अपनाकर इससे सुरक्षित रह सकते हैं। बताया कि लॉकडाउन हो या न हो, करीब साल भर से ज्यादा समय तक लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि हर्ड इम्युनिटी बनने तक संक्रमण से राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती है। टीकाकरण जरूर कराएं, संक्रमण से बचाव का यह बेहद कारगर उपाय है।
विभिन्न वस्तुओं पर वायरस की सक्रियता
तांबे पर चार घंटे, रबड़ पर आठ घंटे, पॉलिथीन पर 24 घंटे, एल्युमीनियम पर छह घंटे, प्लास्टिक पर तीन घंटे, स्टील पर तीन घंटे, लकड़ी पर चार घंटे, लेदर पर पांच से नौ दिन तक।
संक्रमण से बचाव के लिए ये करें उपाय
संभव हो तो लंबी दूरी की यात्रा न करें और बाहर के खानपान से बचें। सामूहिक समारोहों से दूरी बनाएं। संदिग्ध व्यक्ति से दूर रहें, मास्क और दो गज की दूरी के नियम का पालन करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। ब्यूटी पॉर्लर और सैलून में एहतियात बरतें। रुमाल को मास्क की जगह उपयोग करने से बचें। बाहर से आकर कपड़े और जूते-चप्पल घर के बाहर ही उतारें। किसी संक्रमित के संपर्क में आने पर तत्काल स्नान करें और कपड़े धोएं।