लखीमपुर खीरी। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मगर, जांच की गति बेहद धीमी है। ऐसे में करीब 50 लाख जिलेवासियों की जांच के लिए सैंपल लेने और उनकी रिपोर्ट आने की यदि गति यही रही तो लखीमपुर के लोगों की जांच होने में 15 से 20 साल लग जाएंगे।
हालांकि कोरोना से कितने लोगों की मौत हुई है। इसका कोई रिकार्ड तो नही है, क्योंकि जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में कई ऐसे लोगों की मौत हुई है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। मगर, जांच न होने के कारण उनकी मौत संदिग्ध ही है। कोरोना जांच के लिये जिस गति से सैंपलिंग हो रही है, उससे जिले की 50 लाख आबादी की जांच होने में दो चार नहीं बल्कि करीब 15 साल लग जाएंगे।
सैंपल 2000 के, रिपोर्ट 1000 की
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने सैंपल लेने के लिए टीमें बढ़ा दी हैं। पहले जहां नसीरूद्दीन मौजी भवन सहित शहर में तीन मोबाइल टीमें सैंपल लेती थीं, वहीं अब मोबाइल टीम की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। इससे अब रोजाना 2000 के करीब सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं। जबकि जांच रिपोर्ट सिर्फ एक हजार लोगों की ही आ रही है।
जिले की आबादी - करीब 50 लाख (2011 की जनगणना के अनुसार 43 लाख)
अब तक लिए गए सैंपल-507145
रोजाना लिए जा रहे सैंपल- करीब 2200
जिले में मिले कुल केस-10098
कोरोना से 15 दिन में 10 मौतें
जिले में एक अप्रैल तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 7742, एक्टिव केस 63 और मरने वालों की संख्या 99 थी। मगर, 18 अप्रैल को जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 10,098 एक्टिव केस 2197 और मरने वालों की संख्या 109 हो गई है।
डिमांड से बेहद कम मिल रहीं जांच किट
जिले में जांच के लिए भले ही टीमें बढ़ाई गई हों। मगर, जिले में जांच किट का संकट बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य महकमे के लोगों का कहना है एंटीजन से लेकर आरटीपीसीआर किट पर्याप्त है। हर दूसरे दिन सप्लाई भी मिल रही है। वही सूत्रों का कहना है कि डिमांड के सापेक्ष बेहद कम मात्रा में किट मिल पा रही हैं। मौजूदा समय मे आरटीपीसीआर करीब तीन हजार और एंटीजन करीब डेढ़ हजार किट उपलब्ध हैं। हां, इतना जरूर है हर दूसरे दिन जांच किट मिल जा रही हैं।
लोगों के लिए मुसीबत बनी जांच रिपोर्ट
कोरोना की जांच कराना भी लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। एक संक्रमित ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एंटीजन की जांच पॉजिटिव आई, लेकिन आरटीपीसीआर की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई। जांच कराए हुए पांच दिन हो गए। वहीं हमारे पिता जी की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव और आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ये दो केस तो सिर्फ बानगी है। मग़र, ऐसे तमाम लोग हैं, जो रिपोर्ट को लेकर असमंजस में हैं।
कोरोना पर काबू पाने के लिए जांच टीमें बढ़ाई गई हैं। शहर में सात मोबाइल टीमें चल रही हैं। सैंपल लेने वालों की एंटीजन और आरटीपीसीआर दोनों जांच कराई जाती हैं। एंटीजन की रिपोर्ट तुरंत बता दी जाती है, जबकि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में समय लगता है। इसकी जांच में संक्रमित मिलने पर फोन से सूचना देकर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराई जाती है। - डॉ रविंद्र शर्मा, एसीएमओ