लखीमपुर खीरी। एक ओर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का जोर है, तो दूसरी ओर कोरोना महामारी से हाहाकार मचा है। ऐसे में अफसरों से लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान किसानों की ओर से हट गया है। लिहाजा गन्ना मूल्य भुगतान न करके चीनी मिलें मनमानी पर उतारू हैं, जिससे गन्ना किसानों की आवाज दब सी गई है। चीनी मिलें पेराई सत्र बंद कर चुकी हैं, लेकिन किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इससे कोरोना काल में गन्ना किसान आर्थिक संकट से भी जूझ रहे हैं।
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| Lakhimpur Kheri : पंचायत चुनाव और कोरोना के शोर में दब न जाए गन्ना किसानों की आवाज |
पेराई सत्र 2020-21 में करीब चार लाख से अधिक गन्ना किसान नौ चीनी मिलों को 1013 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति कर चुके हैं, जिसके अनुसार चीनी मिलों को कुल 32 अरब 57 करोड़ 90 लाख रुपये गन्ना मूल्य भुगतान करना है। इसके सापेक्ष चीनी मिलों ने 13 अरब 94 करोड़ 58 लाख रुपये (42.81 प्रतिशत) भुगतान किया है। जबकि मिलों पर अब भी 18 अरब 63 करोड़ 30 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलें सबसे ज्यादा किसानों को खून के आंसू रुला रहीं हैं, जिन्होंने क्रमश: कुल देय के सापेक्ष 3.59 प्रतिशत, छह प्रतिशत और 5.87 प्रतिशत ही भुगतान किया है। इससे सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य भुगतान इन्हीं तीनों मिलों पर बकाया है। इन मिलों की हठधर्मिता की बानगी है कि नवंबर 2020 में मिल चालू करने के बाद से अब तक नगद भुगतान ही नहीं किया है, बल्कि कुछ किसानों को भुगतान के बदले चीनी देकर खानापूर्ति की है। इसके बावजूद इन तीनों मिलों के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर अफसर इनसे जवाब-तलब भी नहीं कर रहे हैं। अनुमान के मुताबिक करीब 90 हजार गन्ना किसान सीधे तौर पर इन मिलों की कारगुजारियों से पीड़ित हैं, लेकिन अफसर बेसुध हैं।
अब कोरोना संकट का हवाला देकर बजाज ग्रुप की चीनी मिलें कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकती हैं। वहीं गोविंद शुगर मिल ऐरा ने किसानों को 34.13 प्रतिशत भुगतान किया है। ऐसे ही सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल ने 28.81 प्रतिशत और संपूर्णानगर मिल ने 25.25 प्रतिशत ही गन्ना मूल्य भुगतान किया है। इससे जाहिर है कि शासन व प्रशासन का सारा ध्यान पंचायत चुनाव और कोरोना संकट की ओर होने से इन मिलों के अधिकारी बेपरवाह हो गए हैं।
भुगतान करने में अजबापुर अव्वल
गन्ना मूल्य भुगतान करने के मामले में अब तक डीसीएम श्रीराम ग्रुप की अजबापुर चीनी मिल सबसे अव्वल नंबर पर है, क्योंकि इसने 89.14 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। वहीं बलरामपुर ग्रुप की कुंभी मिल ने 85.39 प्रतिशत और गुलरिया मिल ने 84.30 प्रतिशत भुगतान करके क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
चीनी मिलवार बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 49178.09
पलिया 36377.05
खंभारखेड़ा 30919.23
ऐरा 23601.95
अजबापुर 5604.92
कुंभी 5327.41
गुलरिया 6181.32
बेलरायां 14501.59
संपूर्णानगर 14639.36
बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा की भुगतान करने की स्थिति पिछले साल से भी ज्यादा खराब है। तीनों मिलों के अध्यासियों को नोटिस देकर शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। शादी-बीमारी के मामलों में किसानों को तुरंत भुगतान कराया जा रहा है। सहकारी समेत अन्य मिलों को भी जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
-ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
