घटना की जानकारी देते हुए धनीराम ने बताया कि 20 साल पहले उसकी मां की मौत के बाद उसके पिता मूल्लूराम ने दूसरी शादी चंद्रवती (45) से की थी। धनीराम के मुताबिक तीन साल पहले पिता मुल्लूराम की मौत हो गई, जिसकी वजह से वह, सौतेली मां चंद्रवती, दूसरे बेटे नीरज और बहू आरती के साथ रहती थी।
धनीराम ने बताया कि शुक्रवार को नीरज और उसकी पत्नी गांव रानीगंज स्थित ससुराल चले गए। शाम को वह और उसकी पत्नी पुनीता समेत सभी लोग खा पीकर घर में सो गए। जबकि, चंद्रवती घर के बाहर बनी कोठरी में सोने चलीं गईं। धनीराम के मुताबिक शनिवार सुबह पांच बजे जब वह सोकर उठा और कोठरी पर गया तो बिस्तर पर उसकी मां की गर्दन कटी लाश पड़ी थी। धनीराम ने बताया कि खून सूख चुका था। धनीराम ने आरोप लगाया कि उसकी मां की हत्या लेनदेने के चलते की गई, क्योंकि जमीन का बैनामा कराने के बावजूद गांव की ही अशोक शेष राशि नहीं दे रहा था। तहरीर मिलने पर पुलिस ने अशोक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रिपोर्ट लिखने के बावजूद पुलिस कई अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
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लेनदेन में हुई महिला की हत्या
आरोपी ने खरीदी गई जमीन के सिर्फ 30 हजार दिए, बाकी राशि देने से किया इनकार
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। मृतक के सौतेले बेटे धनीराम ने बताया कि गांव के ही अशोक गुप्ता ने उससे सड़क किनारे की 14 डिस्मिल जमीन 2.20 हजार रुपये में खरीदी थी, जिसके बैनामे के लिए उसने 30 हजार रुपये भी दे दिए थे और बाद में बाकी का पैसा देने की बात कही थी।
आरोप है कि कई बार पैसा मांगने के बावजूद अशोक गुप्ता टाल-मटोल करता रहा और बाद में रुपये देने से इनकार कर दिया। धनीराम ने बताया कि इस बात से चंद्रवती नाराज थीं, लिहाजा उन्होंने दाखिल खारिज पर आपत्ति लगाते हुए मामले में कोर्ट से स्टे ले लिया था। आरोप है कि इसके बावजूद अशोक ने भूमि पर कब्जा कर लिया था, जिस पर दोनों में विवाद था और आरोपी अशोक ने चंद्रवती को मारने की धमकी दी थी। धनीराम के मुताबिक शुक्रवार को भाई के न होने और उसके अकेले होने का फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसकी मां की हत्या कर दी। प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गांव के ही अशोक गुप्ता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है, जांच में कुछ पहलू भी सामने आए हैं उनकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस को शक है कि चंद्रवती की हत्या किसी दूसरी जगह करने के बाद उसके शव को बिस्तर पर डाला गया है। क्योंकि घटनास्थल पर खून के निशान नहीं थे और छप्पर एकदम साफ-सुथरा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चंद्रवती के घर में तेतारपुर के एक व्यक्ति का आना-जाना था। शक है कि चंद्रवती अपनी जमीन उसके नाम करवाना चाहती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को वह तेतारपुर जाने की तैयारी में थी। धनीराम के मना करने पर वह वहां नहीं गई थी। संवाद