लखीमपुर खीरी। हिंदू नववर्ष का आगाज 13 अप्रैल दिन मंगलवार से हो रहा है। नए साल का पहला दिन मंगलवार होने से नववर्ष का राजा मंगल है और मंत्री भी मंगल होगा। इसी दिन से चैत्र माह के नवरात्र शुरू होंगे। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना होगी। नवरात्र का समापन 22 अप्रैल दिन गुरुवार को होगा। इस बार मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है और प्रस्थान नर वाहन पर। माता के नर वाहन पर सवार होकर प्रस्थान करना शुभ संकेत है।
देवकली तीर्थ स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष बसंत ऋतु वासंतिक नवरात्र सनातन धर्म में व्रत पर्व के निर्धारण का आधार स्तंभ चंद्र संवत्सर होता है। इस वर्ष यह 13 अप्रैल दिन मंगलवार से शुरू हो रहा है। इस दिन से संवत्सर आरंभ होने से इस साल के राजा मंगल होंगे। इसी दिन से चैत्र नवरात्र शुरू होंगे। कलश स्थापना प्रात काल 05:58 से लेकर 10:14 तक होगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:36 से 12:24 तक है।
बनी रहेगी भय एवं युद्ध की स्थिति
पंडित प्रमोद दीक्षित ने बताया कि मंगलवार से नवरात्र शुरू होने से मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है। इससे देश में भय एवं युद्ध की स्थिति बनी रहेगी। मगर, मां दुर्गा की विदाई विजयदशमी यानी 22 अप्रैल दिन बृहस्पतिवार को होगी। विजयदशमी होने से मां दुर्गा नर वाहन से जाएंगी जो राष्ट्र के लिए सुख समृद्धि कारक होगा।