गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। एक गेस्ट हाउस में हो रहे लांगेस्ट कवि सम्मेलन एवं मुशायरे के 102 घंटे 15 मिनट होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के निर्णायक दल ने दादरी के 102 घंटे के लांगेस्ट मुशायरे के वर्ल्ड रिकार्ड के टूटने की घोषणा की। शाम 7 बजे तक कार्यक्रम के 105 घंटे पूरे हो चुके थे। बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे 121 घंटे पूरे हो जाएंगे।
कपिलश फाउंडेशन के तत्वावधान में दो अप्रैल को सुबह 10 बजे से लांगेस्ट कवि सम्मेलन एवं मुशायरा शुरू हुआ था। मंगलवार को 102 घंटे से अधिक का समय पूरा होने पर ही गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक डॉ. आलोक कुमार और उनकी ज्यूरी ने गोला पहुंचकर दादरी में बनाए गए 102 घंटे के विश्व रिकॉर्ड के टूटने की घोषणा की। शाम 7 बजे तक 105 घंटे का कवि सम्मेलन पूरा हो चुका था। बताया गया कि इन 105 घंटों में दिल्ली, हरदोई, शाहाबाद, मोहम्मदी, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, सतना मध्य प्रदेश, पीलीभीत, बहराइच, अलीगढ़, सिधौली, लखीमपुर आदि के करीब 422 कवि काव्यपाठ कर चुके हैं।
आयोजक मंडल के प्रमुख यतीश शुक्ल ने बताया कि सोमवार की शाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक डॉ. आलोक कुमार अपनी टीम के साथ गोला आ गए थे। कवि सम्मेलन मुशायरा में संत कुमार बाजपेई, रविसुत शुक्ल, राम कुमार गुप्त, शिप्रा खरे, डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री, श्रीकांत तिवारी, रमेश पांडे, सुधीर अवस्थी, सुरेश शुक्ल, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, बेदिल भारती, जेपी नाचीज, तारिक इस्लाम, नंदी लाल निरास, रजनीश मिश्र, ओम नीरव, डॉ. आलोक मिश्रा, पूजा पांडे, रश्मि शर्मा आदि कवियों ने काव्यपाठ किया। इस मौके पर ठाकुर प्रसाद गंगवार, विजय शुक्ल रिंकू, विजय माहेश्वरी, नानकचंद वर्मा, वीबी धुरिया, लक्ष्मी खरे आदि मौजूद रहे।
कपिलश फाउंडेशन के तत्वावधान में दो अप्रैल को सुबह 10 बजे से लांगेस्ट कवि सम्मेलन एवं मुशायरा शुरू हुआ था। मंगलवार को 102 घंटे से अधिक का समय पूरा होने पर ही गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक डॉ. आलोक कुमार और उनकी ज्यूरी ने गोला पहुंचकर दादरी में बनाए गए 102 घंटे के विश्व रिकॉर्ड के टूटने की घोषणा की। शाम 7 बजे तक 105 घंटे का कवि सम्मेलन पूरा हो चुका था। बताया गया कि इन 105 घंटों में दिल्ली, हरदोई, शाहाबाद, मोहम्मदी, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, सतना मध्य प्रदेश, पीलीभीत, बहराइच, अलीगढ़, सिधौली, लखीमपुर आदि के करीब 422 कवि काव्यपाठ कर चुके हैं।
आयोजक मंडल के प्रमुख यतीश शुक्ल ने बताया कि सोमवार की शाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक डॉ. आलोक कुमार अपनी टीम के साथ गोला आ गए थे। कवि सम्मेलन मुशायरा में संत कुमार बाजपेई, रविसुत शुक्ल, राम कुमार गुप्त, शिप्रा खरे, डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री, श्रीकांत तिवारी, रमेश पांडे, सुधीर अवस्थी, सुरेश शुक्ल, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, बेदिल भारती, जेपी नाचीज, तारिक इस्लाम, नंदी लाल निरास, रजनीश मिश्र, ओम नीरव, डॉ. आलोक मिश्रा, पूजा पांडे, रश्मि शर्मा आदि कवियों ने काव्यपाठ किया। इस मौके पर ठाकुर प्रसाद गंगवार, विजय शुक्ल रिंकू, विजय माहेश्वरी, नानकचंद वर्मा, वीबी धुरिया, लक्ष्मी खरे आदि मौजूद रहे।