लखीमपुर खीरी। चैत्र नवरात्र में पिछले साल लॉकडाउन की वजह से जहां मंदिर पूरी तरह बंद थे वहीं इस बार बढ़ते संक्रमण के चलते जिला लॉकडाउन के करीब है। ऐसे में इस साल भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर ही मंदिरों में प्रवेश संभव हो सकेगा।
मां संकटा देवी मंदिर के पुजारी पंडित मदन शुक्ल का कहना है कि संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए नवरात्र में मंदिर में पूजा पाठ की व्यवस्थाओं में बदलाव कर दिया गया है। मंदिर में दो गेट हैं। पूरब वाले गेट से श्रद्धालुओं का प्रवेश और संकटा देवी चौकी वाली रोड वाले गेट से वापसी होगी। हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए सैनिटाइजर के साथ एक युवक गेट पर मौजूद रहेगा। साबुत फल, नारियल आदि चढ़ सकेंगे। परिक्रमा करना एवं घंटा बजाना प्रतिबंधित रहेगा। गर्भगृह के सामने दो-दो गज पर गोले बनवाए जा रहे हैं। श्रद्धालु इसमें खड़े होकर पूजा पाठ कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं ने खरीदी पूजन सामग्री
सोमवार को बाजार में पूजन सामग्री खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के लिए चुनरी, वस्त्र, झंडा, नारियल के अलावा घट स्थापना सामग्री खरीदी।
व्रत के दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
जिला अस्पताल के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. विजय प्रकाश वर्मा का कहना है कि नवरात्र में हर घर में कोई न कोई व्रत जरूर रखता है। व्रत रहें लेकिन लंबे समय तक भूखे न रहें। थोड़ी थोड़ी देर बाद कुछ न कुछ खाते रहें। इसमें फल, जूस, सूखे मेवे, दही, दूध शामिल करें। फलों में एंटी ऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है। जो लोग व्रत हैं वह भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। शरीर को हाइड्रेट करने के लिए पानी, नींबू पानी, नारियल पानी का सेवन करते रहें। खाने में गाजर, खीरा शामिल करें।
इस तरह रखें व्रत में सेहत का ख्याल
- हरी सब्जियों का सूप या सलाद लें। सूखे मेवे जैसे किशमिश, काजू, अखरोट, खजूर, पिस्ता, बादाम, मखाना आदि खाएं।
- कुटू और सिंघाड़े के आटे का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सिंघाडे़ के आटे में पोटैशियम, जिंक, विटामिन-बी एवं ई पाया जाता है।
- फलों में सेब, संतरा, अमरूद, अंगूर, पपीता, खरबूजा एवं तरबूज का सेवन करें।
- तले भुने से परहेज करें, चीनी की जगह शहद इस्तेमाल करना फायदेमंद है।