जिला अस्पताल: दवा वितरण केंद्र पर सामाजिक दूरी तार-तार
कोरोना के मामले में जिला अस्पताल सबसे संवेदनशील है। कोरोना की जांच करा चुके लोग वहां पर रिपोर्ट लेने पहुंचते हैं, जिसके मिलने पर उन्हें संक्रमित होने की जानकारी होती है। इसलिए अस्पताल में दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी नियम का पालन कराना जरूरी है।
ठोढ़ी पर मास्क लगाकर निकलते हैं लोग
कोरोना को लेकर लोगों में जरा भी खौफ नहीं है। इसका उदाहरण सदर चौराहे से ठोढ़ी पर मास्क लगाकर निकलती छात्राएं व बाइक सवार हैं। जिले में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसी लापरवाही छात्राओं एवं बाइक सवार के साथ उनके घरवालों के लिए मुसीबत बन सकती है।
दुकानों पर भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन
पंचायत चुनाव प्रक्रिया में कोविड-19 प्रोटोकॉल की खूब धज्जियां उड़ रही हैं। इसका असर अब भी कलक्ट्रेट परिसर से लेकर आस पास स्थित दुकानों पर दिख रहा है। प्रचार सामग्री बनवाने के लिए फोटोकॉपी की दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ रही है। जो मुसीबत का कारण बन सकती है।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी नहीं लगा रहे मास्क
संकटा देवी मंदिर में सोमवार को दर्शन करने आई महिलाएं कोरोना को लेकर बेपरवाह दिखीं। न तो उन्हें अपना ख्याल था और न ही बच्चों व परिवार का। जबकि शहर के हर चौराहे पर लाउडस्पीकर से लोगों को मास्क लगाने एवं दो गज की दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कोरोना से बचने के लिए दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी नियम का ईमानदारी से पालन करें। मास्क संक्रमण से बचने के लिए लगाए न कि खानापूर्ति करने के लिए। मास्क लगाने में लापरवाही करना अपने साथ-साथ घरवालों के लिए मुसीबत खड़ी करना है।
-डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल