कारोना के कारण पिछले साल गर्मी की सहालग, लॉकडाउन और सर्दी की सहालग कारोना प्रोटोकॉल की भेंट चढ़ गई। ऐसे में सहालग कारोबारी, जिसमें खासकर बैंडबाजे एवं सजावट का काम करने वाले शामिल हैं, को इस साल से बेहतर व्यापार की उम्मीद थी। मगर, कोरोना ने उनकी आशाओं पर एक बार फिर पानी फेर दिया है।
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के चलते लोग दहशत में हैं। इससे जो शादियां हो भी रहीं हैं वहां भी रौनक एवं धूमधाम गायब है। कोरोना के खौफ से शादी की तारीखें कैंसिल होकर आगे बढ़ रहीं हैं तो कुछ लोग सादगी के साथ समारोह करने का मन बनाकर बुकिंग कैैंसिल कर रहे हैं। इसका असर बैंडबाजे एवं सजावट का काम करने वालों की रोजी रोटी पर पड़ा है। वहीं जिन घरों में समारोह है उनका कहना है कि एक तो मेहमानों की संख्या सिर्फ 50 तक सीमित है। दूसरे कोरोना संक्रमण काल में मेहमानों को बुलाने का मतलब अपने साथ उनकी भी जान संकट में डालना है। ऐसे में सादगी से समारोह करना ही उचित है। इसलिए बैंडबाजे एवं सजावट आदि की बुकिंग कैंसिल करवा दे रहे हैं।
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पिछले साल गर्मी के मौसम की सहालग लॉकडाउन भेंट चढ़ गए। सर्दी के मौसम की सहालग पर भी कोरोना का साया रहा। इस बार लॉकडाउन तो नहीं हुआ। मगर, कोरोना के खौफ से लोग बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं। अब तक 20 में से 12 बुकिंग कैंसिल हो चुकीं हैं।
-परमजीत सैनी, सजावट कर्मी, संकटा देवी मंदिर गली
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कोरोना के कारण पिछले साल से काम धंधा चौपट है। पिछले साल लॉकडाउन था, लेकिन इस बार तो खुला लॉडाउन नहीं होने के बावजूद हालत बदतर हैं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सीमित संख्या में लोग शादियां कर रहे हैं या फि र बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं। करीब 45 बुकिंग थी, जिसमें से 25 कैंसिल हो गईं।
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अमीनगर कस्बे के हसनपुर निवासी जाबिर खां ने बताया कि 20 मई के बाद बेटे की बरात होनी थी। इसकी तैयारी कर रहे थे। मगर, कोरोना के कारण शादी ब्याह पर भी तमाम बंदिशें लग गई हैं। इसलिए तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। घर परिवार एवं जान पहचान वालों के बिना बरात ही कैसी। अब कारोना की बादल छंटने के बाद शादी करेंगे।
कोरोना महामारी को देखते हुए गोला विधायक अरविंद गिरि ने भी अपनी बेटी की शादी की तारीख आगे बढ़ा दी है। विधायक ने बताया कि बेटी की 25 अप्रैल को शादी होनी थी। इसके लिए मेहमानों एवं शुभचिंतकों को कार्ड भी भेज दिए थे। मगर, हालात को देखते हुए शादी टालने की सूचना भेजवानी पड़ी।