बांकेगंज। गर्मियों के मौसम में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए हरकत में आए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल के तालाबों और वॉटरहोल में पंपिंग सेट के जरिए पानी भरवाना शुरू कर दिया है। जंगल के अंदर ही पानी का इंतजाम होने पर अब बाघ, तेंदुआ, हिरन, भालू आदि मांसाहारी और शाकाहारी वन्यजीव गर्मियों में प्यास लगने पर इधर-उधर नहीं भटकेंगे। इससे गर्मियों में पानी की तलाश में रिहायश में आ जाने वाले वन्यजीवों अंकुश लगेगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष घटनाएं भी नहीं होंगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल के निर्देश पर भीरा रेंजर राकेश बाबू वर्मा, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर आदि ने वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए जंगल के तालाबों और वॉटरहोल में अभियान चलाकर पानी भरवा रहे हैं। इसके तहत पड़रिया बीट के लौकहा तालाब में पानी भरवाया जा चुका है। इसके अलावा चक बीट की पिंदरहिया बीट स्थित तालाब में पानी भरवाने का काम शुरू किया गया। रेंजर भीरा ने बताया कि वन्यजीवों को जंगल के अंदर ही पानी की व्यवस्था के लिए पंपिंग सेट के जरिए पानी भरवाया जा रहा है। जंगल में पानी उपलब्ध होने से वन्यजीव प्यास लगने पर जंगल के बाहर नहीं निकलेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल के निर्देश पर भीरा रेंजर राकेश बाबू वर्मा, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर आदि ने वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए जंगल के तालाबों और वॉटरहोल में अभियान चलाकर पानी भरवा रहे हैं। इसके तहत पड़रिया बीट के लौकहा तालाब में पानी भरवाया जा चुका है। इसके अलावा चक बीट की पिंदरहिया बीट स्थित तालाब में पानी भरवाने का काम शुरू किया गया। रेंजर भीरा ने बताया कि वन्यजीवों को जंगल के अंदर ही पानी की व्यवस्था के लिए पंपिंग सेट के जरिए पानी भरवाया जा रहा है। जंगल में पानी उपलब्ध होने से वन्यजीव प्यास लगने पर जंगल के बाहर नहीं निकलेंगे।