तिकुनिया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की उत्तर निघासन रेंज में बाघ ने एक ग्रामीण पर हमला कर उसे मार डाला। बताया जाता है कि ग्रामीण मवेशी चराने गया था। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे बेलरायां के रेंजर विमलेश कुमार ने शव को खोजकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे तिकुनियां कोतवाली क्षेत्र के गांव डुमेरा मझरा पूरब निवासी ओमप्रकाश पुत्र ढोढे जंगल में मवेशियों को चराने गया था। मवेशियों को देखकर बाघ जंगल से बाहर निकल आया। बाघ को देखकर मवेशी इधर-उधर भाग निकले, लेकिन बाघ ने ओमप्रकाश को दबोच लिया और खींचता हुआ जंगल में ले गया।
ओमप्रकाश के चीखने चिल्लाने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी लेकर जंगल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों के शोर-शराबे और लाठी-डंडों से पीछा करने पर बाघ ओमप्रकाश के शव को छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना पर रेंजर विमलेश कुमार टीम पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
अब तक आठ लोगों को बना चुका है निवाला
मजरा पूरब जंगल के बाघ बीते एक साल में अब तक गांव मजरा पूरब व दलराजपुर के आठ लोगों को अपना निवाला बना चुका है। मजरा पूरब निवासी बहोरी, अवधेश, प्यारेलाल, मुंशी, जलालुद्दीन व जलालपुर निवासी ज्ञान सिंह और सुरजीत सिंह को बीते एक साल में अपना शिकार बनाया है। ओमप्रकाश समेत अब तक आठ लोग बाघ के हमले में मारे जा चुके हैं। जबकि, ग्राम मजरा पूरब निवासी रामाशंकर, सियाराम पर हमला कर बाघ ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिनका इलाज वन विभाग ने करवाया है। जंगल किनारे के ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। लेकिन, बाघ का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं।
ग्रामीणों से बार-बार अनुरोध किया गया है कि जंगल के किनारे अपने मवेशी लेकर न जाएं। ग्रामीणों को बाघ से बचाने के लिए जंगल की ओर हाई पावर की लाइट लगाई गई है। इसके अलावा खाई भी खोदवा दी गई है।