Lakhimpur Kheri : अजबापुर मिल में गन्ना आपूर्ति करने का आज अंतिम मौका

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। गन्ना पेराई सत्र 2020-21 का समाप्त होने को है, क्योंकि अब तक आठ चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। अब अजबापुर मिल ने भी बंदी की दूसरी बार नोटिस जारी कर रविवार तक गन्ना आपूर्ति करने का मौका किसानों को दिया है। इसके बाद सोमवार से अजबापुर मिल भी बंद हो जाएगी।
इस बार गन्ने का उत्पादन कम होने से चार मिलें मार्च 2021 में ही बंद हो गईं थीं। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष चीनी उत्पादन कम रह गया है।
डीसीएम श्रीराम ग्रुप की अजबापुर मिल के इकाई प्रमुख ने शनिवार को दूसरी मिल बंदी नोटिस जारी कर दी है, जिसमें कहा गया है कि 22 अप्रैल 2021 से सभी सेंटरों को फ्री किया जा चुका है। मुक्त गन्ना खरीद की जा रही है। इसके बावजूद चीनी मिल को पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसलिए इकाई प्रमुख ने किसानों से कहा है कि जिनके पास आपूर्ति योग्य गन्ना शेष है, वे अपना गन्ना 25 अप्रैल 2021 की रात 10 बजे तक आपूर्ति कर दें। इसके बाद चीनी मिल पेराई सत्र 2020-21 के लिए अंतिम रूप से बंद हो जाएगी।

इसके अलावा सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल भी 24 अप्रैल 2021 को बंद हो गई है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा और एडवंट्ज ग्रुप की गोविंद शुगर मिल ऐरा मार्च 2021 में बंद हो चुकी हैं। कुंभी मिल में छह अप्रैल, गुलरिया मिल में 17 अप्रैल और संपूर्णानगर मिल में आठ अप्रैल 2021 को पेराई बंद हो गई थी।
शेष बेलरायां मिल भी शनिवार को बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि अजबापुर मिल क्षेत्र के किसान रविवार को रात 10 बजे तक गन्ने की आपूर्ति कर दें। इसके बाद मिल बंद हो जाएगी।
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95.78 लाख क्विंटल कम हुई गन्ने की पेराई
पिछले सालों के मुकाबले गन्ने का एरिया कम नहीं था, लेकिन उत्पादन जरूर कम हुआ। गन्ने में लाल सड़न रोग लगने के कारण हजारों हेक्टेयर गन्ने की फसल नष्ट हो गई। इसका सीधा असर मिलों की पेराई क्षमता पर पड़ा है। पिछले पेराई सत्र 2019-20 में चीनी मिलों ने 1108.41 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी, लेकिन इस पेराई सत्र में 1012.62 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई है। जो पिछले वर्ष से 95.78 लाख क्विंटल कम है।

21 लाख क्विंटल घटा चीनी उत्पादन
पेराई सत्र 2020-21 में गन्ना उत्पादन कम होने के साथ ही मिलों में चीनी परता भी कम रहा, जिससे चीनी उत्पादन में भारी गिरावट आई है। अब तक पिछले साल के मुकाबले 21.67 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन कम रह गया है। इस बार चीनी परता पलिया को छोड़कर अन्य आठ मिलों में कम रहा है, जिसका असर चीनी उत्पादन कम होने के तौर पर दिख रहा है। गोला मिल में पिछले वर्ष 11.91 प्रतिशत चीनी परता था, जो इस बार 10.72 प्रतिशत रहा। ऐरा मिल में 11.53 प्रतिशत से घटकर 10.33 प्रतिशत, अजबापुर मिल में 10.62 प्रतिशत घटकर 9.91 प्रतिशत रह गया। ऐसे ही अन्य मिलों में भी चीनी परता कम रहा। संवाद

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