सोमवार को डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री, धीरेंद्र वर्मा, राजकिशोर मिश्र, श्रीकांत तिवारी, डोरेलाल भार्गव, विनय आनंद, रमेश पांडे, ब्रजेश तिवारी, अल्पी वार्ष्णेय, सुरेश शुकल संदेश, निशांत मिश्र, शुभकारनाथ शुक्ल, जीएल गांधी, कार्तिकेय शुक्ला, जनार्दन पांडे, नंदलाल मणि त्रिपाठी, विनोद विरला सहित अलीगढ़, मोहम्मदी, सीतापुर, पीलीभीत, बिलसंडा, हरदोई आदि स्थानों से आए कवियों ने अपनी विविध विधाओं में काव्यपाठ किया।
कपिलश फाउंडेशन की संस्थापक लक्ष्मी खरे, शिप्रा खरे, यतीशचंद्र शुक्ल ने बताया कि इस रिकार्ड के साथ गोला का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा। जो कवि और शायर आज इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं, वह इस विश्व रिकॉर्ड के आधार बनेंगे। इस आयोजन में यह देखा गया है कि बड़ी तादात में युवा बढ़चढ़ कर दिन-रात सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान विजय माहेश्वरी, नंदीलाल निराश, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, अंकित शुक्ल, अभय शुक्ल, कल्पना तिवारी, अभिषेक निष्कर्ष, आलोक तिवारी, कृष्णा तिवारी आदि मौजूद रहे।