लखीमपुर खीरी। वर्ष 2019-20 में हुई धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायत पर पीसीएफ और पीसीयू के सात केंद्र प्रभारियों और दोनों जिला प्रबंधकों को निलंबित किए जाने के बाद से सरकारी गेहूं खरीद में इनके क्रय केंद्रों पर गेहूं का एक दाना भी नहीं तौला गया है। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग व परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। हालांकि बृहस्पतिवार को पीसीयू के जिला प्रबंधक पद पर पंकज कुमार सिंह तैनाती हो गई है, लेकिन पीसीएफ के जिला प्रबंधक की सीट अभी खाली है।
जनपद में किसानों से सीधे गेहूं खरीदने के लिए 153 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिनमें पीसीएफ और पीसीयू के सबसे ज्यादा करीब 100 क्रय केंद्र हैं। इसके अलावा विपणन शाखा, मंडी समिति, एफसीआई, एसएफसी, यूपीएसएस के क्रय केंद्र हैं। अभी आठ दिनों में सिर्फ तीन एजेंसियों एसएफसी, विपणन शाखा और यूपीएसएस के 11 क्रय केंद्रों पर 90 किसानों से 6280 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। वहीं पीसीएफ, पीसीयू, मंडी समिति के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत नहीं हो पाई है।
सूत्र बताते हैं कि जिला प्रबंधकों के निलंबन के बाद से केंद्र प्रभारी असमंजस में हैं, क्योंकि किसानों को भुगतान जिला प्रबंधक स्तर से किया जाता है। इसलिए केंद्र प्रभारी किसानों से गेहूं खरीद करने में हिचक रहे हैं। मंडियों को छोड़कर गांवों में खुले क्रय केंद्रों पर भी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इसके लिए राजस्व गांवों के क्रय केंद्र से संबद्धीकरण में देरी वजह बनी है।
हालांकि एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले क्रय केंद्रों से राजस्व गांवों को संबद्ध कर दिया गया है। इससे गेहूं खरीद करने में कोई समस्या नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को क्रय केंद्र पर आने वाले सभी किसानों को गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हैं।