लखीमपुर खीरी। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर मंथन भी चल रहा है। कोरोना काल को देखते हुए ओएमआर शीट पर पेपर होने की संभावनाओं को बल मिल रहा है। इस तरह के पेपर पैटर्न को लेकर शिक्षक एवं छात्रों में खुशी है। मगर, शिक्षक स्वकेंद्र परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं हैं।
बोर्ड से संबंध स्कूलों के शिक्षक बताते हैं कि कोरोना ने पिछले साल पढ़ाई चौपट कर दी। इस साल भी कोरोना प्रकोप के चलते अब तक वार्षिक परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। शिक्षक बताते हैं कि समय काफी निकल गया है। ऐसे में बोर्ड कोविड को ध्यान में रखकर बोर्ड परीक्षा ओएमआर शीट पर कराने के लिए विचार विमर्श कर रहा है। ऐसे में पेपर को बहुविकल्पीय बनाने के साथ स्वकेंद्र पर परीक्षा कराकर वहीं कॉपी जांचने तक पर विचार हो रहा है। इसको लेकर छात्रों में तो खुशी है। मगर, शिक्षक इसके पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
सीबीएसई बोर्ड यदि परीक्षा ओएमआर सीट पर कराता है तो यह एक अच्छा निर्णय साबित होगा। अधिकांश प्रवेश परीक्षाएं ओएमआर शीट पर होती हैं। स्वकेंद्रीय परीक्षा में भी पारदर्शिता की कोई समस्या नहीं होगी।
- हरसिमरत सिंह, कक्षा 12
कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए होम बोर्ड परीक्षा कराना विद्यार्थियों के लिए ज्यादा सुरक्षित रहेगा। इससे हम सभी को दूर सेंटरों पर जाना नहीं पड़ेगा। इन हालातों में यात्रा करना भी मुश्किल है।
- अनन्या, कक्षा 12
स्वकेंद्र परीक्षा का निर्णय अच्छा फैसला है। कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण है सुरक्षा। स्वकेंद्र पर इसका का पालन ज्यादा अच्छे से होगा। अपने विद्यालय में परीक्षा होने से छात्र का तनाव कम होगा और वह बेहतर प्रदर्शन कर सकेेंगे।
- हर्षित मिश्रा, कक्षा-12
ओएमआर सीट पर उतर लिखने का विकल्प प्रभावी हो सकता है। परंतु स्वकेंद्र परीक्षा एवं मूल्यांकन में पूर्ण पारदर्शिता होना संभव प्रतीत नहीं होता। यदि परीक्षा व मूल्यांकन स्वकेंद्र न होकर कुछ दूरी पर परीक्षा केंद्र बनाकर पूर्व की भांति कराई जाए तो इसकी विश्वसनीयता, गुणवत्ता एवं गोपनीयता कायम रहेगी।
- आलोक मिश्रा प्रधानाचार्य श्रीराजेंद्र गिरी मेमोरियल एकेडमी गोला
बोर्ड से संबंध स्कूलों के शिक्षक बताते हैं कि कोरोना ने पिछले साल पढ़ाई चौपट कर दी। इस साल भी कोरोना प्रकोप के चलते अब तक वार्षिक परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। शिक्षक बताते हैं कि समय काफी निकल गया है। ऐसे में बोर्ड कोविड को ध्यान में रखकर बोर्ड परीक्षा ओएमआर शीट पर कराने के लिए विचार विमर्श कर रहा है। ऐसे में पेपर को बहुविकल्पीय बनाने के साथ स्वकेंद्र पर परीक्षा कराकर वहीं कॉपी जांचने तक पर विचार हो रहा है। इसको लेकर छात्रों में तो खुशी है। मगर, शिक्षक इसके पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
सीबीएसई बोर्ड यदि परीक्षा ओएमआर सीट पर कराता है तो यह एक अच्छा निर्णय साबित होगा। अधिकांश प्रवेश परीक्षाएं ओएमआर शीट पर होती हैं। स्वकेंद्रीय परीक्षा में भी पारदर्शिता की कोई समस्या नहीं होगी।
- हरसिमरत सिंह, कक्षा 12
कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए होम बोर्ड परीक्षा कराना विद्यार्थियों के लिए ज्यादा सुरक्षित रहेगा। इससे हम सभी को दूर सेंटरों पर जाना नहीं पड़ेगा। इन हालातों में यात्रा करना भी मुश्किल है।
- अनन्या, कक्षा 12
स्वकेंद्र परीक्षा का निर्णय अच्छा फैसला है। कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण है सुरक्षा। स्वकेंद्र पर इसका का पालन ज्यादा अच्छे से होगा। अपने विद्यालय में परीक्षा होने से छात्र का तनाव कम होगा और वह बेहतर प्रदर्शन कर सकेेंगे।
ओएमआर सीट पर उतर लिखने का विकल्प प्रभावी हो सकता है। परंतु स्वकेंद्र परीक्षा एवं मूल्यांकन में पूर्ण पारदर्शिता होना संभव प्रतीत नहीं होता। यदि परीक्षा व मूल्यांकन स्वकेंद्र न होकर कुछ दूरी पर परीक्षा केंद्र बनाकर पूर्व की भांति कराई जाए तो इसकी विश्वसनीयता, गुणवत्ता एवं गोपनीयता कायम रहेगी।
- आलोक मिश्रा प्रधानाचार्य श्रीराजेंद्र गिरी मेमोरियल एकेडमी गोला