वृद्ध को कई दिन से आ रहा था बुखार, कोरोना की आशंका में ग्रामीणों ने बना ली थी दूरी
मानसिक रूप से कमजोर है बुजुर्ग की पत्नी, घर से दुर्गंध आने पर गांव वाले देखने पहुंचे फतेहगंज पश्चिमी। बीते कई दिन से बुखार से जूझ रहे एक बुजुर्ग की दो दिन पहले घर में ही मौत हो गई। दो दिन तक बुजुर्ग का शव घर में ही चारपाई पर पड़ा रहा। मानसिक रूप से कमजोर उनकी पत्नी को लगा कि उसके पति सो रहे हैं। गांव वालों ने भी वृद्ध को कोरोना संक्रमित मानकर थोड़ी दूरी बना ली थी। दूर से ही आसपास के लोगों ने हालचाल पूछा तो पत्नी ने उनसे भी यही कहती रही कि सेहत में सुधार है और वह घर में सो रहे हैं। घर से दुर्गंध आने पर आसपास के लोग घर में देखने पहुंचे तो वृद्ध की मौत का पता चला।
मामला क्षेत्र के गांव चितौली का है। करीब 60 वर्ष के जयमल मौर्य अपनी पत्नी जगदेई के साथ गांव में रहते थे। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक जगदेई मानसिक रूप से कुछ कमजोर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जयमल मौर्य को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। वृद्ध के कोरोना संक्रमित होने की आशंका में ग्रामीणों ने भी उनके घर से थोड़ी दूरी बना ली थी। घर में रहकर ही बुखार का इलाज ले रहे जयमल मौर्य अक्सर घर के बाहर बैठा करते थे। जिससे गांव वाले उनकी खैर खबर ले लेते थे। लेकिन दो दिन से उन्हें किसी ने नहीं देखा तो लगा कि बुखार अधिक होने पर घर में ही लेटे होंगे। इस बीच उनकी पत्नी जगदेई से लोगों ने पूछा तो उन्होंने कह दिया कि वह सो रहे हैं। लेकिन मंगलवार रात को जब जयमल के घर से दुर्गंध आई तो गांव के लोग उनके घर में देखने पहुंचे। अंदर जाकर देखा तो जयमल चादर ओढ़े चारपाई पर लेटे थे। चेक किया तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी को तब तक भी लग रहा था कि वह सो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग की मौत रविवार रात या सोमवार को ही हो चुकी थी।
गांव वालों ने दिल्ली में नौकरी करने वाले उनके बेटे ओमप्रकाश को सूचना दी तो बुधवार को उसने गांव पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार कराया। कुछ लोगों ने आर्थिक तंगी व भुखमरी को मौत की वजह बताया लेकिन उनके बेटे ने आर्थिक तंगी की मौत की वजह बताया लेकिन उनके बेटे ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ओमप्रकाश ने बताया कि उसके पिता को बुखार आ रहा था और वह उसकी दवा भी ले रहे थे। उसने कहा कि गांव में करीब तीन बीघा जमीन भी है। राशन कार्ड भी है। जिस पर वह राशन लाते थे।। खर्चे के लिए वह भी समय - समय पर पैसे भेजता था।