खेत की पैमाइश में चक हटने से क्षुब्ध किसान के फांसी लगाने का मामला
रोशननगर(लखीमपुर-खीरी)। हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बाबरपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा की आत्महत्या ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।मृतक के पुत्र विकास पटेल ने हैदराबाद थाने में दी तहरीर में कहा है कि चकबंदी कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद पर रिश्वत देने का अनुचित दबाव बना रहे थे। रिश्वत न मिलने पर नाराज होकर 24 मई की दोपहर चकबंदी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने गांव पहुंचकर राजेंद्र प्रसाद के गांव के निकट खेत की पैमाइश कर उसे दक्षिण झाबर में निकाल दिया।
परिजन ने बताया कि खेत गांव के सटे समीप उत्तर में था, जिसमें से मूल चक एक एकड़ हटा दिया गया। खेत निकल जाने के चक्कर में राजेंद्र प्रसाद को मानसिक आघात एवं सदमा लगा, जिससे क्षुब्ध होकर राजेंद्र प्रसाद मंगलवार की सुबह चार बजे बाग में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब घरवालों को पता चला तब परिजन ने फोन से सूचना हैदराबाद एसओ अजय कुमार शर्मा, 112 पुलिस को दी। हैदराबाद एसओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को उतरवाया।
राजेंद्र प्रसाद की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। घरवालों को पढ़कर बताया कि लिखा है कि मैं जो कर रहा हूं, उसमें मेरे परिवार का कोई दोष नहीं है। मेरे परिवार को परेशान न किया जाये। मृतक अपने पीछे पत्नी चेतन वर्मा (48), विवाहित पुत्री पंक्षी वर्मा (28), अविवाहित पुत्री पूजा (25), पुत्र विक्रम (30), विकास (23), विक्रांत (20) छोड़ गए हैं, जिनका रो रोकर बुरा हाल है। मृतक राजेंद्र प्रसाद के पुत्र विकास पटेल की तहरीर पर हैदराबाद पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। विकास ने चकबंदी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बाबरपुर के मृतक राजेंद्र प्रसाद वर्मा के पुत्र विकास पटेल की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार शर्मा, एसओ हैदराबाद
चकबंदी के मामलों में तहसील का कोई रोल नहीं होता। न तो वह गांव गए हैं और न ही उन्हें इस मामले में कोई जानकारी है। चकबंदी विभाग के राजस्व निरीक्षक अलग हैं। - विजय श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक तहसील गोला
चकबंदी संबंधी आज तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। मामला संज्ञान में आया है कि सुसाइड नोट में मृतक ने मौत का कारण पारिवारिक कलह बताया है। पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद ही कुछ बता पाना संभव होगा। - ओमप्रकाश संजोर, जिला बंदोबस्त अधिकारी खीरी