पिछले छह माह से निष्क्रिय पड़ी हैं स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियांबांकेगंज। कोरोना को हराने के लिए शहरों से लेकर गांवों तक जंग लड़ी जा रही है। इसमें पंचायतों को भी गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह जागरूकता अभियान स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समिति के माध्यम से चलाया जाना है, लेकिन अब तक इन समितियों के खाते में नए प्रधानों के हस्ताक्षर न होने से खाते बंद पड़े हैं।
बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की 50 पंचायतों में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खाते बंद पड़े होने से यह निष्क्रिय हो गई हैं, जिससे लोगों को जागरूक करने के लिए आवश्यक धनराशि भी नहीं है। आशाएं घर-घर घूमकर लोगों का कोरोना संबंधी सर्वे तो कर रहीं हैं, लेकिन उनके पास न थर्मल स्क्रीनिंग मशीन हैं और न ही ऑक्सीमीटर। ऐसे में यह सर्वे भी औपचारिकता बन कर रह गया है।
उधर, सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव के पहले से बंद पड़ी स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों का संचालन शुरू कराया जाए। निवर्तमान प्रधानों के हस्ताक्षर अमान्य होने और नवनिर्वाचित प्रधानों के हस्ताक्षर अभी तक खातों पर न होने से खातों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इन समितियों का अध्यक्ष प्रधान होता है, जबकि गांव की आशा सदस्य सचिव का दायित्व संभालती हैं। दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से खातों का संचालन होता है।
सीएमओं ने सभी अधीक्षकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि संबधित ब्लॉकों के बीडीओ से समन्वय स्थापित कर स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों का संचालन सुनिश्चित कराएं, ताकि उससे धनराशि आहरित कराकर कोरोना से जंग तेज की जा सके।
स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों के संचालन के लिए नवनिर्वाचित प्रधानों के हस्ताक्षर बैंक में कराने की कार्रवाई चल रही है। आने वाले दो-तीन दिनों में ब्लॉक क्षेत्र की सभी संबधित समितियां सक्रिय हो जाएंगी। इससे कोरोना से लड़ने में मदद मिलेगी।
- डॉ. केके रंजन, अधीक्षक, बांकेगंज सीएचसी
बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की 50 पंचायतों में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खाते बंद पड़े होने से यह निष्क्रिय हो गई हैं, जिससे लोगों को जागरूक करने के लिए आवश्यक धनराशि भी नहीं है। आशाएं घर-घर घूमकर लोगों का कोरोना संबंधी सर्वे तो कर रहीं हैं, लेकिन उनके पास न थर्मल स्क्रीनिंग मशीन हैं और न ही ऑक्सीमीटर। ऐसे में यह सर्वे भी औपचारिकता बन कर रह गया है।
उधर, सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव के पहले से बंद पड़ी स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों का संचालन शुरू कराया जाए। निवर्तमान प्रधानों के हस्ताक्षर अमान्य होने और नवनिर्वाचित प्रधानों के हस्ताक्षर अभी तक खातों पर न होने से खातों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इन समितियों का अध्यक्ष प्रधान होता है, जबकि गांव की आशा सदस्य सचिव का दायित्व संभालती हैं। दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से खातों का संचालन होता है।
सीएमओं ने सभी अधीक्षकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि संबधित ब्लॉकों के बीडीओ से समन्वय स्थापित कर स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों का संचालन सुनिश्चित कराएं, ताकि उससे धनराशि आहरित कराकर कोरोना से जंग तेज की जा सके।
स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों के खातों के संचालन के लिए नवनिर्वाचित प्रधानों के हस्ताक्षर बैंक में कराने की कार्रवाई चल रही है। आने वाले दो-तीन दिनों में ब्लॉक क्षेत्र की सभी संबधित समितियां सक्रिय हो जाएंगी। इससे कोरोना से लड़ने में मदद मिलेगी।