250 बेड पर सब पर नहीं भर्ती करने की व्यवस्था
कहने को तो कोविड अस्पताल 250 बेड का है, लेकिन सभी बेड पर मरीजों को भर्ती करने का इंतजाम नहीं है। अस्पताल में भर्ती मरीजों तीमारदारों की माने तो तो अस्पताल में संसाधनों का बेहद अभाव है। इसलिए मरीजों को भर्ती करने में आना कानी की जाती है। कई बार मरीजों को वापस तक कर दिया गया। हालांकि गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर जिला प्रशासन ने करीब 90 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई है, जिससे गंभीर मरीजों को इलाज मिल सके।
पहले 10, लेकिन अब 90 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था
कोविड अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से वहां की व्यवस्थाएं लड़खड़ाने लगी हैं। इसकी जानकारी लगने पर जिला प्रशासन ने पहले 50 बेड पर ऑक्सीजन सुविधा दिए जाने की व्यवस्था कराई। मगर मरीजों की संख्या कम न होता देख अब करीब 90 बेड पर ऑक्सीजन का इंतजाम कर सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
केस- एक
ढखरेवा कस्बा के गांव मल्लबेहड निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि दामाद पूर्ण कुमार कोरोना पॉजिटिव हुए। हालत बिगड़ने पर करीब सात दिन पहले रात के दो बजे कोविड अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन स्टाफ ने ऑक्सीजन सिलिंडर और बेड न होना बताकर भर्ती करने से मना कर दिया और दूसरे दिन आने को कहा। रात में अस्पताल से मरीज को घर ले आए। दूसरे दिन लेकर गए तब जाकर भर्ती किया जा सका।
गोला निवासी रज्जन कुमार ने बताया कि नौ मई को बेटी नैना की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से कोविड हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर स्टाफ ने संसाधनों का अभाव बताकर भर्ती करने से मना कर दिया। रज्जन ने बताया कि तमाम मिन्नते करने पर भर्ती तो कर लिया। मगर, रेग्युलेटर और पाइप के अभाव में सिलिंडर तक नहीं मिला। इस पर भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने रेग्युलेटर आदि की व्यवस्था कर बेटी को ऑक्सीजन दी।
खाने को लेकर फिर हुआ बवाल
कोविड अस्पताल में खाने की गुणवत्ता नहीं सुधर रही हैं। मरीज और तीमारदारों से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को जो खाना दिया जा रहा है। उससे न तो मरीज एवं तीमारदार संतुष्ट हैं और न ही स्वास्थ्य कर्मी। मंगलवार रात खाने की गुणवत्ता सही न होने पर स्वास्थ्य कर्मी भड़क गए। कुछ लोगों ने कैंटीन चलाने वालों को गुणवत्ताहीन खाना दिखाया। बताते हैं इस पर खाना बनाने वालों ने जवाब दिया कि खाना दे दिया अब खाओ या फेंको। कर्मचारियों की इसकी शिकायत अधिकारियों से की। बताते हैं कि इस पर बुधवार दोपहर के खाने की गुणवत्ता सही रही।
कोविड अस्पताल में 86 मरीज भर्ती हैं, जो सभी ऑक्सीजन पर हैं। अस्ताल 250 बेड का है हर मरीज को भर्ती किया जा रहा है। ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था है। रही बात खाने की तो मंगलवार रात रोटी अधपकी होने पर कुछ कर्मचारियों ने नाराजगी व्यक्त की थी। इस पर खाना बनाने वालों को रोटियां सही से पकाने के लिए कहा है।
- डॉ. सुभाष वर्मा, प्रभारी कोविड अस्पताल