पत्नी और दोनों बच्चों की मौत, युवक गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
संतू ने बताया कि मंगलवार को वह अपने ससुर की मौत होने पर पत्नी शांति के साथ अपनी ससुराल मिलिक गए थे। बताया कि पति की जिद पर पुत्री नन्हीं उसके घर पहुंचने पर ही ससुराल जाने की बात कह रही थी। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। मंगलवार शाम को बुधई ने बाजार से कीटनाशक लाकर पहले अपने दोनों बच्चों, कुलदीप (3) और संदीप (एक) और पत्नी नन्हीं को पिला दिया। इसके बाद खुद भी कीटनाशक पी लिया। जहर पीने से उसकी पत्नी नन्ही व दोनों बच्चों की मौत हो गई। बुधवार की सुबह देर तक जब नन्हीं सोकर नहीं उठी तो पड़ोस की एक महिला उसे जगाने पहुंची तो उसने तीनों को वहां मृत पड़े हुए देखा।
घटना की सूचना सुबह मृतका के माता-पिता को हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं बुधई को इलाज के लिए पीएचसी ईसानगर भेजा गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पाकर डीएम शैलेंद्र सिंह व एसपी विजय ढुल ने पहुंचकर मौका मुआयना किया। डीएम ने तहसीलदार से मृतका के पिता संतू को पट्टा व आवास दिलाने के लिए निर्देशित किया है, जबकि एसपी विजय ढुल ने बताया कि जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पहली पत्नी की हो चुकी थी मौत, दूसरी को भी मार डाला
धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। ईसानगर थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर गांव में बच्चों समेत अपनी पत्नी को जहर देकर मारने वाला आरोपी युवक बुधई अस्पताल में भले ही जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हो, लेकिन उसके जीवन में जिंदगी का कोई मोल नहीं था। गांव में चर्चा है कि बुधई की यह दूसरी शादी थी, लेकिन दूसरी पत्नी के जीवन का भी उसने मोल नहीं जाना। अपनी जिद में आकर मासूम बच्चों तक को जहर देकर तड़पा तड़पाकर मार डाला।गांव वालों के मुताबिक, बुधई पुत्र सोहन की एक शादी सम्मनपुरवा रामपुर थाना बेहड़ा से भी हो चुकी थी। पहली पत्नी की मौत के बाद छह साल पहले बुधई ने बिरसिंहपुर की नन्हीं से दूसरी शादी की थी।
मृतक नन्ही के पिता संतू का यही कहना है कि नन्हीं अपना मायका छोड़ते वक्त माता-पिता को देख लेना चाहती थी, लेकिन जब वह अपनी ससुराल से लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी और दो धेवतों को खो दिया। नन्हीं की बुजुर्ग मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतका की मां शांति देवी का कहना है कि एक तरफ उसके पिता की मौत और दूसरी तरफ पुत्री और दो धेवतों की, यह सदमा उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा। मृतका की मां रोते रोते गश खाकर गिर जाती है।
मृतक नन्ही के पिता संतू का यही कहना है कि नन्हीं अपना मायका छोड़ते वक्त माता-पिता को देख लेना चाहती थी, लेकिन जब वह अपनी ससुराल से लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी और दो धेवतों को खो दिया। नन्हीं की बुजुर्ग मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतका की मां शांति देवी का कहना है कि एक तरफ उसके पिता की मौत और दूसरी तरफ पुत्री और दो धेवतों की, यह सदमा उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा। मृतका की मां रोते रोते गश खाकर गिर जाती है।