सोमवार को दो का गोंडा में, एक की बलरामपुर में शुरू हुई ट्रेनिंग
बिजुआ। पड़रिया तुला में न तो खेल मैदान है, न ही कोई प्रशिक्षक... लेकिन एक परिवार के रिश्ते के तीन भाइयों ने एक साथ कॅरियर की राह चुनने के लिए आपस में खुद ही ट्रेनर और मोटीवेटर बने। तीनों युवकों ने साथ-साथ पुलिस भर्ती की परीक्षा दी। फिजिकल, रेस में आकर पुलिस भर्ती में अपना चयन पक्का कर लिया।
पड़रिया तुला निवासी सूरज, रितेश और धीरेंद्र एक ही परिवार के हैं, रिश्ते में तीनों भाई हैं। धीरेंद्र के एक चाचा सूर्य प्रताप और बड़े भाई शैलेंद्र 2011 में पुलिस भर्ती में चयन होकर गोंडा और लखनऊ में नौकरी कर रहे हैं। इन्हीं से प्रेरणा लेकर धीरेंद्र को जब कॅरियर चुनने का मौका आया तो वह और उनके दोस्त जैसे पारिवारिक भाई सूरज और रितेश ने भी साथ-साथ खाकी का सपना देखना शुरू कर दिया। तीनों दोस्त गांव के बाजार में पड़ी ऊंची, नीची जगह और स्टेट हाईवे को अपना ट्रैक मानकर पुलिस भर्ती के लिए दौड़ लगाने लगे।
साल 2018 में पुलिस की सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा तीनों ने पास की। फिर शारीरिक परीक्षा में भी पास हो गए। बीते शनिवार को तीनों दोस्तों का सिपाही ट्रेनिंग का पहला दिन था। रितेश बलरामपुर में और सूरज-धीरेंद्र गोंडा में प्रशिक्षण ले रहे हैं। सूरज कहते हैं कि उन लोगों के लिए आज सबसे अहम दिन है कि उन्होंने खाकी का जो सपना देखा वह पूरा हो गया। गांव में आठ लोग पुलिस में हैं, जबकि 20 युवाओं ने फॉर्म भरा था।