Lakhimpur Kheri :कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों पर पर्दा डाल रहा स्वास्थ्य महकमा

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। जिले में कोरोना प्रतिदिन लोगों की जान ले रहा है, जिसका प्रमाण मुक्तिधाम के आंकड़े हैं। कोविड-19 के कारण 14 अप्रैल से शुरू हुआ मौत का मंजर अब तक अनवरत जारी है। हर दिन मुक्तिधाम पर 15 से 20 शव की अंत्येष्टि होती है। इसमें चार से पांच शव सील होकर पहुंचते हैं, जिनकी मौत का कारण कोरोना होता है। शमशान घाट के आंकड़ों पर यदि गौर किया जाए तो पिछले एक सप्ताह में करीब 134 शव का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें करीब 32 शव कोविड पॉजिटिव थे। मगर, स्वास्थ्य महकमे के अनुसार इस दौरान सिर्फ कोरोना संक्रमण से सिर्फ सात मौतें हुईं।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार कोरोना से हो रही मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। इसकी चपेट में आकर सैकड़ों लोग जिंदगी के लिए कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इसमें से तमाम लोग हारकर मौत का शिकार बन जा रहे हैं। इसकी चपेट में आकर हर रोज 10 से 15 एवं किसी-किसी दिन 25 से 30 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। मगर, कोरोना के कारण हो रही मौतें पर स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार पर्दा डालने में जुटे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में कोरोना से सिर्फ सात मौतें हुई हैं। मगर, इसकी हकीकत सेठघाट स्थित मुक्तिधाम पर सुबह से लेकर रात जलती चिताएं बयां कर रही हैं, जिसमें से हर रोज चार से पांच शव पूरी तरह से पैक होकर मुक्तिधाम पहुंचते हैं जो कोरोना संक्रमित बताए जाते हैँ।

सरकारी आंकड़ों में कोविड से मौत
27 अप्रैल- शून्य
28 अप्रैल- एक
29 अप्रैल-एक
30 अप्रैल-दो
एक मई- शून्य
दो मई- एक
तीन मई- दो
श्मशान घाट पर पहुंचे कोरोना संक्रमित शव
तारीख- कुल शव- कोविड पॉजिटिव
27 अप्रैल - 27 -12
28 अप्रैल-21- चार
29 अप्रैल-18 - एक
30 अप्रैल -15 - चार
एक मई - 18 - तीन
दो मई -17 - चार
तीन मई - 20 -चार
14 अप्रैल से कोरोना कहर बरपा रहा है। रोजाना 15 से 20 और किसी किसी दिन 25 से 30 शवों की अंत्येष्टि होती है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन पीपीई किट में सील शव न आएं। सबसे ज्यादा पैक 12 शवों का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल को हुुुआ। - पंडित अशोक कुुमार द्विवेदी, मुक्तिधाम

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