बिजुआ। गांवों में कोरोना संक्रमण और उसके रोकथाम के लिए चल रहे कार्यों को जानने के लिए कमिश्नर और खीरी के नामित नोडल अफसर आलोक रंजन जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के साथ बिजुआ के दो गांवों का दौरा किया। नोडल अफसर गांवों में सक्रिय निगरानी समिति के काम से नाराज दिखे। वहीं लोगों को मास्क, उचित दूरी और बुखार से पीड़ित मरीजों की तुरंत सूचना सीएचसी पर देने को कहा।
कमिश्नर और खीरी के नोडल अधिकारी आलोक रंजन के दौरा किए जाने की सूचना सुबह साढ़े आठ बजे प्रधान को मिली। अफसर के आने से पहले गांव की नालियों की सफाई, स्प्रे और झाड़ू लगनी शुरू हुई। करीब एक बजे नोडल अधिकारी आलोक रंजन डीएम शैलेंद्र सिंह, एसडीएम अखिलेश यादव की अगुवाई में अफसरों का काफिला बस्तौली गांव पहुंचा। बस्तौली गांव में नोडल अधिकारी ने निगरानी समिति की आशावर्कर से किट की दवा के बारे में पूछा, जिसका जवाब वह नहीं दे सकी। वहीं इटकुटी गांव में भी बुखार के मरीजों की जानकारी और लोगों को वैक्सीन के लिए जागरूक करते दिखे। बस्तौली गांव के बुखार से पीड़ित सतविंद्र सिंह का हाल जाना, अपने सामने उनका ऑक्सीजन चेक कराया।
बिजुआ। रविवार को कमिश्नर के जिन गांवों में जाने का प्रोग्राम तय हुआ उससे कुछ देर पहले ही अफसर जागे। तमाम लोगों को कोरोना मेडिसिन किट रविवार को ही दी गई। वहीं जब कमिश्नर ने दवा किट पा चुके लोगों के घर चलने को कहा तो बताया गया कि गांव के लोग घरों से भाग गए हैं कि कहीं उन्हें वैक्सीन न लगवा दें। गांव में लोगों के बीच किए जा रहे जागरूकता के दावे की पोल खुलने पर जिम्मेदार अफसर बगले झांकते दिखे।
वनबीट कोविड सेंटर में मरीजों को कम ऑक्सीजन देने पर फटकारा बिजुआ। भीरा के वनबीट अस्पताल के बने कोविड सेंटर का जायजा लेने पहुंचे नोडल अफसर आलोक रंजन ने एक एक मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ली, कमिश्नर ने कोविड सेंटर इंचार्ज डॉ. आशीष से मरीजों की ऑक्सीजन लेवल और दी जाने वाली ऑक्सीजन के बारे पूछा तो पता चला कि मानक से कम ऑक्सीजन दी जा रही है। कमिश्नर ने सीएमओ को स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर करने को कहा। डीएम ने बताया कि लगाया गया आरोप गलत है। संवाद
कमिश्नर ने चंबरबोझ गांव में ग्रामीणों से ली जानकारी
पलियाकलां। कमिश्नर रंजन कुमार रविवार को पलिया पहुंचे और सीधे चंबरबोझ गांव के प्राथमिक स्कूल में पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां देखीं। आशाओं से संक्रमितों के बारे में जानकारी ली। आशा ने बताया कि वहां पर तीन संक्रमित मरीज हैं, जिस पर कमिश्नर ने उनके मोबाइल पर फोन कर उनसे सेहत का हाल पूछते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दवाएं मिल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी ली।
उन्होंने ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधानों से मुलाकात कर ठप व्यापार वाले लोगों को चिन्हित कर उन्हें एक हजार रुपये की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एडीओ पंचायत चैनूराम से भी गांवों के बजट के बारे में जानकारी ली। एडीओ ने बताया कि मौजूदा समय में छह लाख से ऊपर का बजट शेष है। इसके बाद कमिश्नर सीधे पलिया के मोहल्ला सुभाषनगर पहुंचे और रैपिड रिस्पांस टीम के डॉक्टर से जानकारी हासिल कर कंटेंटमेंट जोन का जायजा लिया और रजिस्टर आदि देखे। इस दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह, सीओ राजेश कुमार समेत स्वास्थ्य, राजस्व व पुलिस बल मौजूद रहा।