Lakhimpur Kheri : अक्षय तृतीया कल: कोरोना ने सराफा कारोबार पर लगाया ग्रहण

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। अक्षय तृतीया पर होने वाले सराफा कारोबार पर कोरोना का ग्रहण लगा दिया है। लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार बंद रहने से करीब तीन से चार करोड़ रुपये का सराफा व्यापार प्रभावित होगा।
शहर एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए लोग आभूषण खरीदने के लिए जिला मुख्यालय पर आते हैं, मगर कोरोना के कारण बाजार बंद होने से लोग इस विशेष तिथि पर सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी नहीं कर सकेंगे। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर अधिकतर लोग घर की समृद्धि के लिए शगुन के तौर पर सोने का सिक्का, जेवर आदि खरीदते हैं, लेकिन पिछले साल की तरह इस वर्ष भी लोगों की इस शुभ अवसर पर सोना खरीदने की इच्छा पूरी नहीं होगी।

अक्षय तृतीया के दिन विशेष रूप से लोग सोने का सिक्का एवं आभूषण आदि खरीदते हैं, मगर कोरोना ने इस बार भी सराफा कारोबार पर ग्रहण लगा दिया है। इस दिन करीब चार करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
- आलोक रस्तोगी, जिलाध्यक्ष इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन
कोरोना के कारण सराफा कारोबार प्रभावित है। अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना लोग शुभ मानते हैं। इसलिए इस दिन कुछ न कुछ अवश्य खरीदते हैं, मगर बाजार बंद होने से कारोबार प्रभावित होगा।
-विमलेश भदौरिया, लाला काशीनाथ ज्वैलर्स
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। हर साल इस शुभ अवसर पर कुछ न कुछ जरूर खरीदते हैं। कोरोना के कारण न तो पिछले साल कुछ ले सके और न ही इस बार कुछ ले पाएंगे।
-अर्पणा सिंह मोहम्मदी
वैसे तो कोरोना ने सभी को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। फिर भी लोग शगुन के तौर पर कुछ न कुछ खरीदना चाहते हैं, लेकिन बाजार बंद होने के कारण लोगों की मंशा अधूरी रह जाएगी।

सुकर्मा एवं धृति योग में करें पूजन
लखीमपुर खीरी। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अक्षय तृतीया के रूप में मनाई जाती है। इस बार यह 14 मई यानि शुक्रवार को है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन परशुराम जंयती भी मनाई जाती है। अक्षय तृतीया पर वृष राशि में चार ग्रहों की युति बन रही है। ऐसे में इस बार इसका विशेष महत्व है।
पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन वृष राशि में राहु के साथ बुध, शुक्र एवं चंद्रमा विराजमान होंगे। बुध व शुक्र की मित्रता है, लेकिन चंद्रमा व राहु में शत्रुता। इस तृतीया पर सर्वाध सिद्धि एवं मानस योग भी बन रहा है। शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है और इस दिन अक्षय तृतीया होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। बताया कि अक्षय तृतीया के दिन रोहिणी एवं मृगशिरा नक्षत्र में सुकर्मा और धृति योग भी बन रहा है। ग्रहों की युति और बन रहे कल्याणकारी योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सोने चांदी आभूषण खरीदा अत्यंत शुभ रहता है।
सूर्य-चंद्र अपनी उच्च राशि रहेंगे
पूरे साल में अक्षय तृतीया ही एक मात्र ऐसा समय है, जब सूर्य और चंद्र दोनों ही अपनी उच्च राशि में होते हैं। वैशाख मास की तृतीय को चंदन मिश्रित जल एवं मोदक के दान से ब्रह्मा सहित अन्य देवी देवता प्रसन्न होते हैं। देवाताओं ने वैशाख माह की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा है। इस दिन अन्न, वस्त्र भोजन एवं जल आदि दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
शुभ मुहुर्त
तृतीया तिथि- 14 मई की सुबह 05: 38 से 15 मई की सुबह 07:59 तक
पूजा मुहुर्त-05: 38 से दोपहर 12: 18 तक

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