Lakhimpur Kheri : बेलगाम महंगाई ने बिगाड़ा घर का बजट

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
लखीमपुर खीरी। कोरोना कर्फ्यू में बेलगाम हुई महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। करीब दो महीने पहले सौ रुपये में बिकने वाला सरसों का तेल अब 170 रुपये में बिक रहा है, जिससे हर घर परिवार की रसोई का बजट बिगड़ गया है। ऐसे में बढ़ी हुई मंहगाई से गृहणियां परेशान हैं।
पिछले दो तीन माह से सरसों का तेल और रिफाइंड के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से रसोई का जायका बिगड़ गया है। पहले जिन घरों में पांच से छह लीटर सरसों के तेल की खपत थी। अब उन घरों में दो से तीन लीटर तेल में ही काम चलाया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि खाद्य तेल और दालों की कीमतों में उछाल का कारण फसल प्रभावित होने के साथ डीजल के दामों में वृद्धि होना है, क्योंकि डीजल मूल्य बढ़ने से भाड़ा बढ़ा है। इसलिए महंगाई का एक कारण यह भी है।


खाद्य सामग्री- वर्तमान मूल्य तीन माह पहले का मूल्य
सरसों तेल 150 से 170 100 से 110
रिफाइंड 140 से 160 95 से 100
घी 130 से 140 90 से 100
अरहर दाल 100 80 से 85
उरद दाल 130 से 135 90 से 100
मसूर 80 से 85 55 से 65
चना 60 से 65 40 से 50

तीन माह पहले भी बढ़े थे दाम
तेल कारोबारियों की माने तो फरवरी-मार्च में वित्त मंत्री ने आम बजट पेश किया था। इसमें 17.5% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर लगाने का एलान किया था। मांग और आपूर्ति में बढ़ा अंतर और भारतीय किसानों की दूसरी फसल की तरफ रुख किए जाने की वजह से खाद्य तेलों में कमी आ गई। इस कारण खाद्य तेलों से लेकर दालों का मूल्य बढ़ा है।
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सरसों का तेल 50 से 60 रुपये महंगा
व्यापारी शीलू गुप्ता बताते हैं कि पिछले दो तीन माह में खाद्य तेलों के दामों में काफी उछाल आया है। सरसों के तेल पर 50 से 60 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ गए हैं। करीब तीन माह पहले सरसों के तेल का दाम सौ रुपये था, जो आज 170 रुपये किलो तक बिक रहा है।

महंगाई का किचन पर पड़ा असर
गृहिणी सुमन सिंह बताती हैं कि तेल के दाम बढ़ने का असर रसोई पर पड़ा है। तेल के साथ दाल भी काफी महंगी हैं। रसोई में सबसे ज्यादा जरूरी चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना के कारण हर वर्ग प्रभावित है। खाने पीने की चीजों के बढ़ते मूल्य पर अंकुश लगना चाहिए।

गृहिणी वंदना गुप्ता बताती हैं कि सरसों के तेल से लेकर दाल आदि सब कुछ महंगा है। कोरोना काल में किसी की नौकरी चली गई तो किसी का काम धंधा चौपट हो गया। जबकि सरसों के तेल से लेकर दाल आदि की जरूरत हर घर में है। ऐसे में हर किसी का बजट गड़बड़ा गया है।
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गृहिणी पूनम मिश्रा बताती हैं कि खाद्य तेलों की कीमत बहुत बढ़ गई है। इससे थाली की रौनक गायब हो गई है। तेल की बढ़ी कीमत का प्रभाव बजट पर पड़ा है। ऐसे में बहुत सोच समझ कर खर्च करना पड़ता है। यदि इसी तरह रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते रहे तो घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।
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गोटैया बाग निवासी पूनम सिंह का कहना है कि महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है। खाद्य तेल से लेकर दाल आदि के दाम आसमान पर हैं। सौ रुपये में बिकने वाला सरसों का तेल 170 रुपये तक बिक रहा है। यदि इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो घर का बजट बिगड़ेगा ही।

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