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| आरती राना। - फोटो : LAKHIMPUR |
पलियाकलां। अपना पूरा जीवन थारू समाज की महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आहूत करने वाली थारु क्षेत्र आरती राना ने इस कार्य के लिए अपने पिता द्वारा दी गई हिम्मत को अपना हथियार बताया है।
आरती राना बताती हैं कि उनके पिता स्वर्गीय रामभजन राणा ने किसी तरह खेती बाड़ी कर उन्हें आगे बढ़ाया, लेनिक थारू जनजाति की महिलाओं के लिए काम करने का जज्बा था, जिसमें पहले उनके पिता और बाद में पति ने साथ दिया। आरती राना ने अपनी जिंदगी में सबसे अहम रोल अपने पिता का बताया है, लेकिन ससुराल वालों को भी इसका श्रेय दिया है।
आरती राना ने बताया कि उनके पिता हमेशा उनको अच्छी बेटी साबित करता चाहते थे। वह चाहती हैं कि हर पिता को अपनी बेटियों का सहयोग करना चाहिए और हर बेटी को अपने पिता की हिम्मत बनना चाहिए। संवाद
