Lakhimpur Kheri : खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा शारदा का जलस्तर, बढ़ी चिंता

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण बढ़ रहा जलस्तर
पलियाकलां। बनबसा बैराज से रिलीज किए जा रहे पानी की वजह से शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे था, लेकिन बुधवार को सुबह से ही नदी में पानी बढ़ने लगा है। जल आयोग के मुताबिक बीते 24 घंटे में 21.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पहाड़ों पर होने वाली बारिश और बनबसा बैराज से रिलीज किए जा रहे पानी की वजह से शारदा नदी के पानी का स्तर बुधवार को शाम चार बजे तक खतरे के निशान 154.100 सेमी से 24 सेमी ऊपर पहुंच गया है।

शारदा नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट, कुंवरपुर कलां, नयापुरवा, खालेपुरवा, दौलतापुर, मटैहिया समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण चिंतित हैं। उधर, नदी के किनारे बसे श्रीनगर गांव की तरफ नदी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में श्रीनगर गांव के ग्रामीण भी खासे परेशान हैं। शारदा नदी पुल के नीचे भी तेज धार से पानी बह रहा है। इसके कारण शारदा नदी तट पर बनीं सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं।

जलस्तर बढ़ने के बाद बढ़ी डॉल्फिन की तादाद
धनगढ़ी (नेपाल)। रविवार से हो रही बारिश के चलते नेपाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कैलाली जिले की कर्णाली समेत अन्य नदियों में डॉल्फिन देखने को मिल रही हैं। डॉल्फिन जलचर व जैविक विविधता संरक्षण नेपाल के महासचिव जय प्रसाद ढुगाना ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी बारिश के मौसम में जिले की कर्णाली नदी के साथ मोहाना, कांद्रा, पथरैया, कांढ़ा, गौरीनाला नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद इनमें पिछले दिनों से भारी तादाद में डॉल्फिन देखी जा रही हैं। अभी तक कर्णाली में दो नर व दो बच्चे देखे गए हैं। डॉल्फिन का दीदार करने के लिए सरकार ने कैलाली जिले के टीकापुर वार्ड सात में दो टावर और भजनी वार्ड में एक टावर लगाया है। भजनी के वार्ड आठ में एक टावर का निर्माण चल रहा है। संवाद

अब तक नहीं निकाली जा सकी है शारदा नदी में डूबी जेसीबी
गुलरिया। शारदा नदी पर सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे बांध के टूट जाने के कारण 22 मई को एक जेसीबी पानी में समा गई थी, जिसे अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। घटना के समय जेसीबी और पोकलेन के ऊपर चढ़कर मजदूरों ने अपनी जान बचाई थी। बिजुआ ब्लॉक के जंगल नंबर सात में शारदा नदी में बांध का काम करा रहे ठेकेदार राजू खंडेलवाल ने बताया कि जलस्तर कम होनेे पर पोकलेेेन तो निकाल ली थी, लेकिन जेसीबी अब दिखाई नहीं दे रही है। संवाद

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