Lakhimpur Kheri : खीरीः पलिया के कई गांव में घुसा शारदा का पानी, सड़कें डूबीं

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
फूलबेहड़ क्षेत्र में नदी में समाता मकान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
श्रीनगर गांव में घुसा बाढ़ का पानी, भीरा इलाके में मचा रहा तबाही पलियाकलां। बनबसा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण रविवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया। नदी किनारे ऊंचाई पर बने मंदिर के पास पानी की लहरों ने दस्तक दे दी है, वहीं श्रीनगर गांव में भी पानी घुसने लगा है। पलिया-भीरा रोड और नगला मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से ग्रामीण चिंतित हैं।


रविवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेंटीमीटर से बढ़कर 155.110 सेंटीमीटर पर पहुंच गया। नदी ने निचले गांवों में दस्तक दे दी है। नदी का पानी श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट, दौलतापुर, मटैहिया, नयापुरवा, खालेपुरवा समेत कई गांवों में घुस गया है। अब भी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं पलिया में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। पलिया-भीरा रोड पर चीनी मिल के आगे नगला रोड पर नदी का पानी चलने लगा है। अतरिया क्रॉसिंग के पास भी पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।

भीरा इलाके के गांवों में तबाही मचा रही शारदा

भीरा इलाके के कई गांवों और खेतिहर इलाके में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। नदी ने दौलतापुर, बोझवा के ठोकर नंबर जीरो, ठोकर नंबर एक, इमलिया फार्म आदि रास्तों पर भी अपना रुख कर दिया है, जिसके चलते यह रास्ते अब पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इन रास्तों पर निकलने के लिए अब एकमात्र साधन नाव रह गई है।


श्रीनगर में स्कूल की तरफ तेजी से बढ़ रहा पानी

श्रीनगर गांव शारदा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां पर प्राथमिक विद्यालय के नजदीक शारदा नदी पहुंचने लगी है। प्राथमिक विद्यालय हालांकि काफी दूर है, लेकिन नदी के तेज बहाव से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नदी किस तरीके से श्रीनगर गांव की तरफ बढ़ रही है। अगर ऐसा रहा तो पलिया शहर में तेजी से नदी का पानी फैलेगा।

श्रीनगर गांव के कई घरों में घुसा पानी


श्रीनगर गांव निवासी गुनिया, श्यामू, नारदमुनि, जवाहर, राजेश, रमेश समेत कई ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी भर गया। ऊंची जगह न होने के कारण घरों के बच्चे डनलप पर बैठे देखे गए। कई घरों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। पानी बढ़ने के अगर यही हालात रहे तो जल्द ही पूरा श्रीनगर गांव शारदा नदी की बाढ़ के चपेट में आए जाएगा।

ठोकरें गईं डूब, रेल लाइन को बचाने के लिए डाला जा रहा पत्थर

शारदा नदी पुल के किनारे कटान से बचाव के लिए ठोकरें बनाई गईं थीं, जिसके बाद नदी ने ठोकरों को निगलना शुरू कर दिया। उधर, दूसरी तरफ रेलवे लाइन के किनारे नदी दूसरी तरफ से तेजी से कटान कर रही है, जिसको देखते हुए एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार के निर्देश पर लाइन बचाने के लिए पत्थरों को डाला जा रहा है। यह लाइन ही बिजुआ, दौलतापुर, भीरा, लखीमपुर तक ही कटान से बचाव कर रही है।

पानी के तेज बहाव ने 2008 की दिलाई याद

शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पानी के तेज बहाव और तेजी से कटान करने के बाद लोगों के जेहन में 2008 की यादें ताजा हो गई हैं। इसी रफ्तार से शारदा नदी का विकराल रूप 2008 में भी दिखाई दिया था। रही सही कसर सुहेली नदी ने पूरी कर दी थी और शारदा व सुहेली नदियों ने मिलकर इलाके में जमकर तबाही मचाई थी। पलिया शहर में ही हर रोड पर लगभग तीन फिट तक पानी भरा हुआ था। इतना ही नहीं घरों में भी पानी घुसने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

पहुंची पुलिस, लोगों को किया बाढ़ के प्रति जागरूक

मझगईं के खालेपुरवा गांव में चैकी इंचार्ज मझगईं हनुमंत लाल तिवारी दलबल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को बाढ़ से बचने के तरीके बताए। साथ ही बाढ़ के बारे में आगामी सतर्क किया गया ताकि खुद व खुद सुरक्षित जगहों पर पहुंच सकें। बता दें कि खालेपुरवा, नयापुरवा गांव में नदी हर सालन काफी तबाही मचाती है और बने हुए पक्के मकान तोड़कर ग्रामीण जाने को विवश हो जाते हैं।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !