लखीमपुर खीरी। मंडी समिति राजापुर में 27 मई को आरएफसी (संभागीय खाद्य नियंत्रक) के छापे के दौरान बरामद 1820.50 क्विंटल गेहूं के मामले में जांच करने के लिए एडीएम अरुण कुमार सिंह ने एसडीएम सदर की अगुवाई में चार सदस्यीय अधिकारियों की टीम बनाई है। यह टीम बरामद गेहूं के मामले में दोषियों के राज उजागर करेगी। इसी मामले में पहले यूपीएसएस के जिला प्रबंधक वेदप्रकाश निगम ने क्रय केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
बताते चलें कि आरएफसी संतोष कुमार ने यूपीएसएस के क्रय केंद्र की जांच के दौरान केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार द्विवेदी मौजूद थे। केंद्र प्रभारी ने केंद्र पर हुई गेहूं खरीद के बारे में बताया था कि 16209.50 क्विटंल खरीद की गई, जिसके सापेक्ष 16191 क्विंटल डिलीवरी एफसीआई गोदाम भेजने के बाद 18 क्विंटल गेहूं गोदाम में शेष है। चबूतरा नंबर छह पर सरकारी पीपी बोरियों में लगे स्टॉक के बारे में आरएफसी ने पूछा तो केंद्र प्रभारी ने बताया कि यह स्टॉक उसके केंद्र का नहीं है।
आरएफसी के निर्देश पर स्टॉक की गिनती कराई गई तो चबूतरे पर 3119 पीपी बोरे लाल रंग की सिलाई के साथ गेहूं भरे पाए गए। इस दौरान पास में ही खुले मंडी समिति के क्रय केंद्र प्रभारी ने 89 क्विंटल गेहूं पर अपना दावा किया था, जिससे 2941 बोरी लावारिस पाई गईं। बोरियों पर स्टैसिंल (मार्का) नहीं था या कुछ में बहुत धुंधला था। साथ ही चबूतरे से सटे दो ट्रक यूपी 31 टी 9740 और यूपी 31 टी 1038 में 350-350 पीपी बोरे लदे हुए लावारिस मिले, जिसके बारे में पता चला यह भी इसी चबूतरे से लोड किए गए थे।
कुल 1820.50 क्विंटल गेहूं को मंडी समिति के सुपुर्द किया गया था। इस मामले में आरएफसी के निर्देश पर दूसरे दिन ही सदर कोतवाली में यूपीएसएस के केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद कुछ किसानों ने गेहूं पर अपना दावा किया था। लिहाजा यह मामला अधिकारियों के लिए गले की हड्डी साबित हो रहा है, क्योंकि पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है।
किसानों द्वारा दावा किए जाने के बाद एडीएम अरुण कुमार सिंह ने क्रय केंद्र प्रभारी और किसानों की भूमिका की विस्तृत जांच करने के लिए एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें एआर कोआपरेटिव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी और मंडी सचिव राजापुर को शामिल किया गया है।
- डॉ. अरुण कुमार सिंह, एडीएम/ जिला खरीद अधिकारी