Lakhimpur Kheri : हर साल लाखों खर्च, फिर भी गली-सड़कें बन रहीं तालाब

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
शहर के 32 प्रमुख नालों की सफाई के लिए पालिका ने किया 22 लाख का टेंडर
चार सालों में नाला सफाई पर ही एक करोड़ खर्च, फिर भी लोग झेलते हैं परेशानी
लखीमपुर खीरी। झमाझम बारिश से मोहल्ला नई बस्ती, शिवकॉलोनी की गलियों से लेकर खीरी और सीतापुर रोड तालाब में तब्दील हो गया। लोगों के घरों तक में पानी भर गया। सड़कों पर घुटनों तक भरे पानी से निकलने वाले नगरवासी नगरपालिका प्रशासन को कोसते नजर आए। शहर का यह हाल तब है जबकि पालिका प्रशासन नालों की तली छाड़ सफाई कराने के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा करता है।
सोमवार की अलसुबह शुरू हुई बारिश की झड़ी दिन भर लगी रही। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से तो राहत तो दी, लेकिन जलभराव और कीचड़ ने मुसीबतें बढ़ा दीं। बरसात होने से रोडवेज बस अड्डे के सामने से लेकर सौजन्या चौराहे से नहरिया तक, ओवरब्रिज से सीतापुर रोड तक सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। ऐसे में नौकरीपेशा से लेकर अन्य कामगार गंदे पानी से निकलने को मजबूर हो गए। इसके अलावा शहर की नई बस्ती, शिवकॉलोनी, राजगढ़, खपरेला, आवास विकास आदि मोहल्लों में हुए जलभराव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।

गलियों से लेकर सड़कें तक बन गईं तालाब
सौजन्या चौराहा
हर बार की तरह इस बार भी बारिश से सौजन्या चौराहा से लेकर नहरिया तक सड़क पर एक से डेढ़ फुट पानी भर गया। नाले का पानी भरा होने के कारण लोग पैदल निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। वहीं दो और चार पहिया वाहनों का निकलना भी दुश्वार हो गया।
सीतापुर रोड
सोमवार सुबह शुरू हुई बरसात से सीतापुर रोड पर ओवरब्रिज से लेकर नहरिया तक डेढ़ से लेकर दो फुट तक पानी भर गया। रोड किनारे बने मकानों तक में गंदा पानी भर गया। जलभराव के कारण लोग घरों में ही कैद रहने को मजबूर हो गए।
शिवकॉलोनी
जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण शिवकॉलोनी सोमवार को हुई बारिश में तालाब जैसी नजर आने लगी। गलियों से लेकर सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। इस कारण लोग घरों तक से नहीं निकल सके। कॉलोनीवासी बोले, जलभराव की समस्या नगर पालिका की देन है।

नई बस्ती
नई बस्ती के हालात कई सालों से जस के तस हैं। बरसात का मौसम हो या फिर अन्य दिनों में होने वाली बारिश, गलियां जलमग्न हो जाती हैं। पानी भरने से गहरा नाला व गलियां समान हो जाते हैं। इससे लोगों को जान का खतरा बना रहता है।
लोग बोले, समझ नहीं आती लाखों खर्च के बावजूद शहर की यह हालत
नगर पालिका हर साल नाला सफाई कराती है। इस पर लाखों रुपये भी खर्च करती है, जिसका नतीजा हल्की बारिश में ही देखने को मिलता है। नाले नालियां चोक हैं। इस कारण घुटनों तक भरे पानी से निकलने को मजबूर होना पड़ता है। - राजेंद्र कुमार, राजगढ़
सीतापुर रोड पर कुछ दिन पहले ही नाला बना था। मगर, निर्माण में खानापूर्ति होने से कोई हल नहीं निकला। नाले पर अतिक्रमण तक है। बारिश चाहें मौसम की हो या फिर बेमौसम शहर की प्रमुख सड़क नहर बन जाती है। गंदा पानी घरों तक में घुस जाता है। - अरुण अवस्थी राजगढ़
भीरा रोड पर भरा दो फुट पानी
पलियाकलां। सुबह तीन बजे से शुरू हुई तेज बारिश के कारण भीरा रोड पर दो फुट तक पानी भरा रहा। इलाहाबाद बैंक में पानी घुस गया, जिसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा मछली मंडी, चमन चौराहा समेत कई निचले मोहल्लों में जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। इस बारिश से किसानों को जरूर फायदा पहुंचा है। उधर, दो दिन बंदी के बाद सोमवार को बाजार तो खुला, लेकिन ग्राहक नदारद रहे। संवाद

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