जिला अस्पताल में ब्लडबैंक में लगा रक्तदान शिविर
लखीमपुर खीरी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को विश्व रक्तदाता दिवस पर जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए बारिश की परवाह किए बगैर लोग ब्लडबैंक पहुंचकर रक्त दान कर महादानी बने।जिला अस्पताल के ब्लडबैंक में आयोजित शिविर का उद्घाटन सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि रक्त बाजार में नहीं मिलता है, जबकि सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों से लेकर एनीमिया पीड़ित बच्चे और महिलाओं सहित गर्भवतियों को खून की जरूरत पड़ती है। इसलिए सभी लोगों को साल भर में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। इससे किसी को जीवन देकर उसके घर परिवार में खुशियां लाई जा सकती हैं।
अमर उजाला के कैैंप में रक्तदान करने वाले अनुज शुक्ला, दीपक गुप्ता, संजीव गुप्ता, एकनाथ यादव, राकेश कुमार सिंह, मोहम्मद तालिब को सीएमएस ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रमाण पत्र देकर पुनीत कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान ब्लडबैंक प्रभारी डॉ. केपी सिंह, इंद्रजीत सिंह, कफील अहमद, काउंसलर रति वर्मा, सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।
बारिश में दस किलोमीटर दूर साइकिल से आकर किया रक्तदान
सोमवार सुबह से लेकर शाम तक बारिश होती रही। हालांकि दूसरी की जान बचाने का जज्बा रखने वाले महादानियों का बारिश भी हौसला नहीं डिगा सकी। राकेश कुमार सिंह ने 35 किलोमीटर दूर गोला से आकर रक्तदान किया तो वहीं 15 किलोमीटर दूर मझरा फार्म निवासी एकनाथ यादव ने बारिश में साइकिल से आकर रक्तदान किया।12वीं बार रक्तदान करने आए गोला के मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना निवासी राकेश कुमार बताते हैं कि अमर उजाला से शिविर की जानकारी लगी। हर बार कैंप में रक्तदान करता रहा हूं। इसलिए इस बार कैसे न आता। हमारे भीगने से यदि किसी की जान बचती है तो भीगना ही ठीक है।
31वीं बार रक्तदान करने आए अयोध्यापुरी निवासी दीपक गुप्ता ने बताया कि पिछले कई सालों से शिविर में रक्तदान करता आ रहा हूं। काफी देर तक बारिश रूकने का इंतजार किया, लेकिन जब आसार नहीं दिखे तो घर से छाता लेकर निकल पड़ा।
शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर मझरा फार्म निवासी एकनाथ यादव बताते हैं कि रक्तदान करना पुनीत कार्य है। अखबार में पढ़कर इससे होने वाले फायदों की जानकारी हुई। इसलिए अपनी सेहत फिट रखने और जरूरतमंद की जान बचाने के लिए साइकिल से ब्लड देने आ गया।
मोहल्ला सिकटिहा निवासी अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने बताया कि यदि हमारे रक्त से किसी की जान बच सकती है तो इससे पुनीत कार्य और कोई नहीं हो सकता। अमर उजाला में कैंप लगने की सूचना मिली। इसलिए छाता लेकर रक्तदान करने के लिए आ गया।
खीरी कस्बा निवासी मोहम्मद तालिब ने बताया कि अमर उजाला पढ़कर रक्तदान शिविर की जानकारी लगी थी। इस पर रक्तदान करने का मन बना लिया। इसलिए बारिश में ही जिला अस्पताल आकर रक्तदान किया, जिससे की जान बच सके।
प्यारेपुर निवासी अनुज शुक्ला बताते हैं कि हर साल अमर उजाला के कैंप में रक्तदान कर रहा हूं। इसलिए इस बार भी शिविर का इंतजार था। हालांकि सुबह बारिश भी शुरू हो गई। मगर, इरादा कर चुके थे कि शिविर में रक्तदान करना है, इसलिए बारिश में भी पहुंच गया।