गोला गोकर्णनाथ। मंगलवार की दोपहर कृषक समाज इंटर कॉलेज के प्रवक्ता ने पत्नी से तंग आकर अपने मकान के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट से घटना की वजह पता चली।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रमुआपुर बिजौली निवासी स्वर्गीय दुजईराम के पुत्र महेंद्रपाल गौतम (41) मोहल्ला मुन्नूगंज में रहते थे। वे कृषक समाज इंटर कॉलेज में भूगोल के प्रवक्ता थे। मृतक के बड़े भाई बाबूराम, चंद्रभाल और उनके शिक्षक साथियों ने बताया कि महेंद्रपाल गौतम की तीन शादियां हुई थीं, जिनमें पहली दो पत्नी की मौत के बाद उन्होंने आठ वर्ष पूर्व लालपुर बेहजम निवासी मीनाक्षी से शादी की थी, जिससे उनका छह वर्ष का बेटा है। परिवार वालों का कहना है कि मीनाक्षी और महेंद्र पाल के बीच अक्सर झगड़ा और तनाव रहता था, जिससे वह काफी परेशान थे। बताया कि इधर एक माह से मीनाक्षी अपने छह वर्षीय पुत्र के साथ मायके में रह रही थी, जबकि महेंद्र पाल अपनी दूसरी पत्नी की बेटी के साथ घर पर थे।
मंगलवार को महेंद्रपाल गौतम ने कॉलेज से आने के बाद कमरा अंदर से बंद कर तौलिया का फंदा बनाकर छत के कुंडे से लटककर आत्महत्या कर ली। जब काफी देर तक महेंद्रपाल कमरे से बाहर नहीं निकले तो उनकी बेटी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर उसने शोर मचाया तो पड़ोसियों ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर महेंद्रपाल को फंदे से उतारा और आनन-फानन में सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रमुआपुर बिजौली निवासी स्वर्गीय दुजईराम के पुत्र महेंद्रपाल गौतम (41) मोहल्ला मुन्नूगंज में रहते थे। वे कृषक समाज इंटर कॉलेज में भूगोल के प्रवक्ता थे। मृतक के बड़े भाई बाबूराम, चंद्रभाल और उनके शिक्षक साथियों ने बताया कि महेंद्रपाल गौतम की तीन शादियां हुई थीं, जिनमें पहली दो पत्नी की मौत के बाद उन्होंने आठ वर्ष पूर्व लालपुर बेहजम निवासी मीनाक्षी से शादी की थी, जिससे उनका छह वर्ष का बेटा है। परिवार वालों का कहना है कि मीनाक्षी और महेंद्र पाल के बीच अक्सर झगड़ा और तनाव रहता था, जिससे वह काफी परेशान थे। बताया कि इधर एक माह से मीनाक्षी अपने छह वर्षीय पुत्र के साथ मायके में रह रही थी, जबकि महेंद्र पाल अपनी दूसरी पत्नी की बेटी के साथ घर पर थे।
मंगलवार को महेंद्रपाल गौतम ने कॉलेज से आने के बाद कमरा अंदर से बंद कर तौलिया का फंदा बनाकर छत के कुंडे से लटककर आत्महत्या कर ली। जब काफी देर तक महेंद्रपाल कमरे से बाहर नहीं निकले तो उनकी बेटी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर उसने शोर मचाया तो पड़ोसियों ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर महेंद्रपाल को फंदे से उतारा और आनन-फानन में सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. लखपतराम वर्मा, धर्मराज वर्मा, डॉ. अनिल कुमार, बलवीर सिंह सहित साथी शिक्षक अस्पताल पहुंचे। प्रधानाचार्य ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे महेंद्रपाल गौतम छुट्टी होने के बाद अपने घर गए थे। मृतक की जेब में सुसाइड नोट मिला है जिससे पता चलता है कि महेंद्र पाल गौतम अपनी पत्नी से परेशान थे।
महेंद्रपाल गौतम ने सुसाइट नोट में लिखा है कि मीनाक्षी ने उनसे सिर्फ नौकरी के लिए शादी की थी। इसलिए नौकरी वह उसे देकर जा रहे हैं। उन्होंने सुसाइड नोट में दोनों बच्चों की बढ़िया परवरिश करने की बात लिखी है।
- अरविंद कुमार पांडे, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गोला