लखीमपुर खीरी। जनपद में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते एक बार फिर कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों को 30 अप्रैल 2021 तक बंद कर दिया गया है। इससे स्कूल खोलने की मांग करने वाले प्राइवेट स्कूल संचालकों को झटका लगा है। साथ ही छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
पिछले वर्ष हुए लॉकडाउन के बाद से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई पटरी पर नहीं लौटी है। इस वर्ष फरवरी में कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों में कक्षाएं संचालित की गईं, लेकिन वह भी सिर्फ रस्म अदायगी भर रही। जबकि कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं मार्च में गिनती के कुछ दिन ही चल पाईं थीं। अप्रैल से नए शिक्षा सत्र 2021-22 का आगाज हो चुका है, लेकिन स्कूलों को बंद करने की समय सीमा लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अभिभावक असमंजस में पड़ गए हैं, क्योंकि स्कूल प्रबंधन फीस जमा कराने के साथ ही कोर्स व यूनीफार्म खरीदने के लिए दबाव बना रहा है।
बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी आए हैं। इस समय संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है। इससे सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल-कॉलेज 30 अप्रैल 2021 तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। इस अवधि में कोचिंग सेंटर भी संचालित नहीं किए जाएंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई के भरोसे छात्र-छात्राएं
इस वर्ष भी सत्र की शुरुआत कोरोना संक्रमण के चलते नहीं हो पाई है, जिससे छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई के भरोसे तैयारी करने को विवश होंगे। इससे काफी छात्रों को पढ़ाई में पिछड़ने की मुश्किलों से जूझना पड़ सकता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या ऑनलाइन पढ़ाई में रोड़े अटकाती है। संवाद
पिछले वर्ष हुए लॉकडाउन के बाद से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई पटरी पर नहीं लौटी है। इस वर्ष फरवरी में कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों में कक्षाएं संचालित की गईं, लेकिन वह भी सिर्फ रस्म अदायगी भर रही। जबकि कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं मार्च में गिनती के कुछ दिन ही चल पाईं थीं। अप्रैल से नए शिक्षा सत्र 2021-22 का आगाज हो चुका है, लेकिन स्कूलों को बंद करने की समय सीमा लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अभिभावक असमंजस में पड़ गए हैं, क्योंकि स्कूल प्रबंधन फीस जमा कराने के साथ ही कोर्स व यूनीफार्म खरीदने के लिए दबाव बना रहा है।
बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी आए हैं। इस समय संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है। इससे सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल-कॉलेज 30 अप्रैल 2021 तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। इस अवधि में कोचिंग सेंटर भी संचालित नहीं किए जाएंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई के भरोसे छात्र-छात्राएं
इस वर्ष भी सत्र की शुरुआत कोरोना संक्रमण के चलते नहीं हो पाई है, जिससे छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई के भरोसे तैयारी करने को विवश होंगे। इससे काफी छात्रों को पढ़ाई में पिछड़ने की मुश्किलों से जूझना पड़ सकता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या ऑनलाइन पढ़ाई में रोड़े अटकाती है। संवाद