जनपद में 4,50,272 क्विंटल गेेहूं खरीदा जा चुका है, जिसके सापेक्ष एफसीआई में 2,19,248 क्विंटल गेहूं का उतार हुआ है। जो 45 प्रतिशत है। इस बार एफसीआई के गोदाम में उतार की व्यवस्था देर से हुई, जिससे जाम की स्थिति बनी हुई है। पांच से सात दिन तक ट्रकों को लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, जिसका नतीजा यह रहा कि क्रय केंद्रों पर गोदाम भर चुके हैं। क्रय केंद्रों के पास जगह न होने का बहाना मिल जाता है और केंद्र प्रभारी भी खरीद में ढीले पड़ने लगे हैं।
मंडी समिति राजापुर स्थित विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर गेेहूं डंप पड़ा है, जिससे शुक्रवार को कई केंद्रों पर खरीद ठप सी रही। किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तौल के इंतजार में खड़ी रहीं। वहीं जिले भर के क्रय केंद्रों के गेहूं का उतार सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गोदाम में कराए जाने से हालात खराब बने हुए हैं। गोला में उतार के लिए प्रपोजल बृहस्पतिवार को भेजा गया है, जिससे सोमवार तक यहां भी उतार शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद ही हालात सामान्य हो सकेंगे।
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एफसीआई गोदाम के इंचार्ज आशाराम ने बताया कि सभी क्षेत्रों से गेहूं उतार के लिए यहीं आ रहा है। इसी समय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गेहूं व चावल का उठान शुरू किया गया है और राशन की दुकानों पर नियमित होने वाले वितरण के लिए भी गेहूं-चावल का उठान कराया जा रहा है। इससे मजदूरों की कमी आड़े आ रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते कई मजदूर बीमार हो चुके हैं, तो कुछ डर के मारे नहीं आ रहे हैं। 300 मजदूरों की जरूरत है, लेकिन 150 मजदूरों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
एफसीआई में गेहूं का उतार धीमा है, जिससे क्रय केंद्रों पर गोदाम फुल हो चुके हैं। गेहूं रखने की जगह नहीं बची है। इससे कई क्रय केंद्रों पर तौल धीमी हो गई है। हालांकि गेहूं खरीद पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उतार की गति बढ़ाने के लिए एफसीआई अधिकारियों को पत्र लिखा है।