Lakhimpur Kheri : कठिना नदी के पास फिर दिखा बाघ, मची भगदड़

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
सुंदरपुर, अयोध्यापुर के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे
ममरी। बुधवार की शाम रेंज क्षेत्र के सुंदरपुर अयोध्यापुर गांव के बीच कठिना नदी के पास मिश्रीलाल के खेत में बाघ दिखने पर खेतों में काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई। बाघ की सूचना फैलते ही वहां सुंदरपुर, अयोध्यापुर के तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए।
उधर, डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, वनरक्षक राजेश कुमार और एसटीपीएफ जवान भी मौके पर पहुंच गए। सभी के शोर को सुनकर बाघ झाड़ी में घुस गया। गांव वालों का कहना है कि गन्ने का सफाया हो जाने के बाद भी बाघ ने अपना ठिकाना नदी की झाड़ी में बना रखा है, जबकि खेतों में गेहूं, मसूर की कटाई चल रही है, जिससे वहां हर समय खतरा बना हुआ है। वनकर्मियों ने उन्हें गेहूं की कटाई सावधानी से करने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
बाघ के हमले में घायलों को मिली सहायता राशि
ममरी। पिछले वर्ष मोहम्मदी रेंज क्षेत्र में बाघ के हमले में घायल हुए लोगों के खाते में मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव लखनऊ कार्यालय से दो लाख 28 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई है। रेंजर मोबिन आरिफ ने बताया कि पिछले वर्ष हुए बाघ के हमले में गांव उमरिया इंदिरा नगर निवासी विपिन कुमार पुत्र मंगूलाल के एक बछड़े, सुंदरपुर निवासी विशेष कुमार पुत्र राम बहादुर की एक गाय, कारी बड़ेरी निवासी महेश कुमार पुत्र शिशुपाल की एक बछिया की मृत्यु हो गई थी, जबकि बुधेली नानकार निवासी रमेशचंद पुत्र नत्थूराम, गांव कुंभिया निवासी मनोज कुमार बाघ के हमले में गंभीर घायल हो गए थे, जिनकी पत्रावली लखनऊ कार्यालय भेजी गई थी, जहां से संस्तुति मिलने पर डीएफओ साउथ कार्यालय से विपिन कुमार के खाते में पांच हजार, विशेष कुमार के खाते में 15हजार, महेश कुमार के खाते में आठ हजार और दोनों घायलों के खातों में एक एक लाख रुपए सहायता राशि वन विभाग की ओर से भेज दी गई है। 

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