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लखीमपुर खीरी। जनपद की 1165 ग्राम पंचायतों में से 391 ग्राम पंचायतों के प्रधान कोरम पूरा न होने से शपथ ग्रहण नहीं ले पाए हैं, जिससे इन पंचायतों के प्रधान अभी ग्राम निधि का खाता संचालित नही कर पाएंगे, जबकि कोरम पूरा करने वाली 774 ग्राम पंचायतों के प्रधान व उनके सदस्य शपथ ग्रहण करने के बाद पंचायत समिति की पहली बैठक भी कर चुके हैं। इससे असंघटित ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधान हताश हो रहे हैं, क्योंकि अभी उन्हें पंचायत के अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्हें अब राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश का इंतजार है।
उलझन में फंसे प्रधानों ने अधिकारियों से कोरम पूरा करने के लिए सदस्य मनोनयन कराने की मांग की है, लेकिन डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले का इंतजार करने को कहा है। साथ ही डीपीआरओ ने आयोग के अधिकारियों से हुई बातचीत में मिले संकेत के हवाले से कहा है कि जून में उपचुनाव कराए जाएंगे।
ग्राम पंचायत सदस्य के 15049 पदों पर चुनाव होना था, जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में नौ से 15 तक सदस्य चुने गए थे। ग्राम पंचायत के संघटित श्रेणी में आने के लिए सदस्यों के कुल पदों के सापेक्ष दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचित होना अनिवार्य है। इससे कम संख्या होने पर ग्राम पंचायत संघटित नहीं मानी जाती, जिससे प्रधान का अस्तित्व अल्पमत के कारण प्रभावहीन हो जाता है।
इस बार 391 ग्राम पंचायतों में पंचायत सदस्यों की संख्या कम रह जाने से कोरम पूरा नहीं हो सका है, जिससे इनके प्रधानों को शपथ ग्रहण में प्रतिभाग करने का मौका नहीं मिला है। दो तिहाई बहुमत के बारे में डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि जैसे किसी ग्राम पंचायत में कुल 11 ग्राम पंचायत सदस्य पद हैं, जिसके सापेक्ष आठ सदस्यों का निर्वाचित होना आवश्यक है।
असंघटित रह जाने वाली ग्राम पंचायत कुंभी में कुल 15 ग्राम पंचायत सदस्यों में से छह सदस्य निर्वाचित हुए हैं, जिससे नौ पद रिक्त रह जाने से यहां के प्रधान शपथ ग्रहण नहीं कर पाए हैं। ऐसे ही पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत चरपतला में भी पंचायत सदस्यों की संख्या कम रह जाने से कोरम पूरा नहीं हो सका है, जिससे यहां के प्रधान भी शपथ ग्रहण नहीं कर पाए हैं। समय बीतता जा रहा है, जिससे इन प्रधानों को कार्यकाल कम होने का डर सता रहा है। तो वहीं कोरोना महामारी के चलते भी उपचुनाव कराए जाने में विलंब होने की संभावनाएं बनी हुई हैं।
हालांकि विभागीय सूत्र बताते हैं कि निर्वाचन आयोग रिक्त पदों पर शीघ्र उपचुनाव कराने की तैयारियों में जुटा है। उम्मीद है कि जून के प्रथम सप्ताह में आयोग द्वारा उपचुनाव की तिथियां घोषित कर दी जाएंगी। इसके बाद 10 से 15 जून 2021 के बीच उपचुनाव कराए जा सकते हैं।
असमंजस...कितने पदों पर होगा चुनाव
ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण रिक्त ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर उपचुनाव होना है, लेकिन अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। असंघटित ग्राम पंचायतों के अलावा संघटित ग्राम पंचायतों में भी कई सदस्य पद रिक्त रह गए हैं। लिहाजा सभी ब्लॉकों से रिक्त पंचायत सदस्य पदों की सूची मांगी गई है।
दो प्रधान पदों पर भी होगा उपचुनाव
दो ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों की आकस्मिक मौत हो गई है, जिससे इनमें भी उपचुनाव कराया जाएगा। पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर के प्रधान की कुछ दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। वह शपथ ग्रहण भी नहीं कर पाए थे। दूसरी फूलबेहड़ की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर के प्रधान की आकस्मिक मौत हो चुकी है, जिससे यहां भी उपचुनाव कराए जाएंगे।
विधायकों की पंचायत का भी कोरम अधूरा
धौरहरा। ईसानगर विकास खंड की ग्राम पंचायत बेलतुआ निवासी बाला प्रसाद अवस्थी जो धौरहरा विधानसभा से विधायक हैं, उनकी पंचायत बेलतुआ में कोरम पूरा न होने के चलते शपथ नही हो पाई। वहीं, धौरहरा के पूर्व विधायक शमशेर बहादुर सिंह के गांव समैसा में भी कोरम पूरा न होने के चलते शपथ नही हो पाई। जबकि, विकास खंड धौरहरा की ग्राम पंचायत बेलवमोती में 11 पंचायत सदस्य के पद हैं, जिसमे एक भी पंचायत सदस्य निर्वाचित न होने के चलते शपथ नही हो पाई। ग्राम पंचायत बेलवमोती की वीआईपी पंचायतों में गिनती की जाती हैं यहां के निवासी स्वर्गीय यशपाल चौधरी समाजवादी पार्टी से दो बार विधायक व सपा सरकार में लघु सिंचाई राज्यमंत्री रहे थे।
असंघटित ग्राम पंचायतों मे उपचुनाव कराया जाएगा
असंघटित ग्राम पंचायतों के रिक्त सदस्य पदों के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। मनोनयन किए जाने का प्रावधान नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग जल्द ही उपचुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है, जिसके लिए तैयारी चल रही है। कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ाए जाने की दशा में उपचुनाव कार्यक्रम आगे भी खिसक सकता है। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
